किराए पर फर्नीचर की बढ़ रही डिमांड

नई दिल्ली 
फैबरेन्टो के संस्थापक सिद्धांत लांबा के अनुसार, तीन महीने के लगे कोरोना लॉकडाउन के कारण ज्यादातर कर्मचारियों का काम घर से हो रहा है, लेकिन वहीं पेशवरों को वर्क फॉर्म होम कल्चर बिल्कुल भा नहीं रहा है ,क्योंकि उन्हें घर से काम करने में कई दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कोरोना महामारी के कारण कई कर्मचारियों ने वर्क फॉर्म होम कल्चर को अपनाया हुआ है। इस महामारी के बीच अब ऑफिस के फर्नीचर को किराए पर देने की मांग काफी तेजी से बढ़ गई है। 
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, कर्मचारियों के वर्क फॉर्म होम होने से अब ऑफिस के फर्नीचर को किराए पर दिया जा रहा है। फैबरेन्टो के संस्थापक सिद्धांत लांबा के अनुसार, तीन महीने के लगे कोरोना लॉकडाउन के कारण ज्यादातर कर्मचारियों का काम घर से हो रहा है, लेकिन वहीं पेशवरों को वर्क फॉर्म होम कल्चर बिल्कुल भा नहीं रहा है क्योंकि उन्हें घर से काम करने में कई दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसका कारण है आरामदायक ऑफिस फर्नीचर का घरों में उपलब्ध नहीं होना। कोरोना अनलॉक की घोषणा के बाद सरकार ने कई चीजों को खोलने की राहत दी जिसके बाद भी कई कर्मचारी वर्क फॉर्म होम ही कर रहे है। जून के महीनें में शुरू हुए अनलॉक के पहले चरण की घोषणा के बाद कई पेशवर कर्मचारियों ने घर से काम के लिए ऑफिस डेस्क की मांग की है। इसमें आरामदायक कुर्सिया भी शामिल है। इसके अलावा घरेलू उपकरण की भी मांग तेजी से बढ़ रही है। बता दें कि सभी ऑफिस वाले फर्नीचर खरीद नहीं सकते है जिसके कारण इन फर्नीचर की मांग तेजी से बढ़ रही है। नाइट फ्रेंक की एक रिपोर्ट के मुताबिक,70 फीसदी से ज्यादा कपंनियां अपने कर्मचारियों के लिए कम से कम 6 महीनें तक वर्क फॉर्म होम कल्चर की निति को अमल करने जा रही है। इस निति को अमल करने की वजह यह है कि कपंनियों को घर से काम करने में कोई नुकसान नहीं हुआ और न ही कंपनियों की उत्पादकता पर कोई असर पड़ा है। 

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