टाटा मोटर्स ने बदली ट्रांसपोर्टेशन की परिभाषा

Tata Vehicles
मुंबई
भारत में कॉमर्शियल वाहनों के मुख्य निर्माता, टाटा मोटर्स ने भविष्य की जरूरतों की कसौटी पर खरे उतरने वाले व्यावसायिक वाहनों की विशाल रेंज पेश की है। इन कॉमर्शियल व्हीकल्स के विकास के पीछे कंपनी का लक्ष्य ट्रांसपोर्टेशन को नई परिभाषा देना है। इन कॉमर्शियल वाहनों में सब-1 टन से 55 टन का माल लाने और ले जाने की क्षमता है। इन व्हीकल्स का वजन, इस पर लोड किए गए सामान और यात्रियों का वजन कुल मिलाकर ग्रॉस व्हीकल कॉम्बिनेशन वेट (जीवीडब्ल्यू/जीसीडब्ल्यू) कहलाता है। ये वाहन एफिशिएंट ड्राइवट्रेन से लैस हैं, जिसके कारण इन वाहनों में ईंधन की खपत कम होती है। इन वाहनों की डिजाइनिंग में भविष्य के प्रीमियम टफ डिजाइन की झलक मिलती है। इन वाहनों को मार्केट की रोजाना बदलती नई मांगों को पूरा करने के लिहाज से ही बनाया गया है। इन यूजर्स में फ्लीट ऑपरेटर, मंझोले ट्रांसपोर्ट ऑपरेटर और छोटे ट्रांसपोर्टर शामिल हैं। नए-नए और बेहद उपयोगी फीचर और फ्यूचर रेडी तकनीक से इन कमर्शल वाहनों की परफॉर्मेस पहले से ज्यादा निखर कर सामने आती है। इसके साथ ही साथ इस व्हीकल की समय-समय पर सर्विस की भी सुविधा कस्टमर्स को दी जाती है। इनमें मीडियम और हैवी कमर्शल व्हीकल्स, लाइट और इंटरमीडिएट कमर्शल व्हीकल्स , स्मॉल कमर्शल व्हीकल्स और पैसेंजर यूटिलिटी व्हीकल से कॉमर्शियल व्हीकल्स शामिल हैं। टाटा मोटर्स देश में उपभोक्ताओं को व्यावसायिक वाहनों की लंबी-चौड़ी रेंज ऑफर करता है, जिसमें वह अपनी जरूरत के अनुसार किसी भी व्हीकल का चुनाव कर सकते हैं।


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