बाढ़ ने बदले रेलवे ट्रैक के रूट

पटना
राज्य में बाढ़ का प्रकोप निरंतर बढ़ता जा रहा है। बाढ़ का पानी राज्य के 14 जिलों के 110 प्रखंडों की 1012 पंचायतों में घुस गया है। इससे 45 लाख लोग प्रभावित हो चुके हैं। आपदा प्रबंधन विभाग के अपर सचिव रामचंद्रडु ने शुक्रवार को प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि बाढ़ पीड़ितों के लिए राहत एवं बचाव कार्य युद्ध स्तर पर चलाए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि बाढ़ पीड़ित एक लाख 42 हजार परिवारों के खाते में छह-छह हजार की सहायता राशि भेज दी गई है। इसकी सूचना भी एसएमएस के माध्यम से परिवार को दे दी गई है। शेष परिवारों के खाते में भी शीघ्र ही राशि भेज दी जाएगी। राज्य के विभिन्न जिलों में 1193 सामुदायिक किचेन राज्य सरकार की ओर से चलाए जा रहे हैं, जिनमें प्रतिदिन सात लाख 70 हजार लोग भोजन कर रहे हैं।
वहीं विभिन्न जिलों में 19 राहत केंद्र चल रहे हैं, जिनमें 27 हजार लोग रह रहे हैं। लगातार हो रही बारिश के कारण पिछले कुछ दिनों से समस्तीपुर मंडल में स्पेशल ट्रेनों का परिचालन बाधित है। इस मंडल के समस्तीपुर-दरभंगा रेलखंड पर तीन रेलपुलों के निकट जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर आ जाने के कारण पूर्व मध्य रेल द्वारा कुछ स्पेशल ट्रेनों को परिवर्तित मार्ग से चलाया जा रहा है। वहीं कुछ स्पेशल ट्रेनों का परिचालन आंशिक समापन/प्रारंभ करके किया जा रहा है। सीपीआरओ राजेश कुमार ने बताया कि स्थिति सामान्य होते ही सभी ट्रेनें नियमित मार्ग से चलने लगेंगी। उन्होंने बताया कि गुरुवार को समस्तीपुर-दरभंगा मुख्य रेलमार्ग पर समस्तीपुर-मुक्तापुर के बीच रेलपुल संख्या एक के निकट बाढ़ का पानी खतरे के निशान से 2.15 मीटर तथा हायाघाटा-थलवारा के बीच रेलपुल संख्या 16 एवं 17 के निकट जलस्तर खतरे के निशान से क्रमश: 1.6 तथा 0.87 मीटर ऊपर आ चुका है। इस कारण समस्तीपुर-दरभंगा रेलखंड पर कई ट्रेन स्थगित की गई है।
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