समय पर होंगी जेईई मेंस-नीट की परीक्षाएं

नई दिल्ली
जेईई मेंस और नीट की परीक्षाओं को टालने को लेकर कुछ छात्रों के साथ-साथ विपक्षी राजनीतिक दलों ने जरूरी मोर्चा खोल दिया है लेकिन नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) के बढ़े कदम अब रुकने वाले नहीं हैं। एनटीए ने साफ किया है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद परीक्षाओं में अब कोई भी बदलाव संभव नहीं है। यह तय तारीखों पर ही होगी। परीक्षाओं को स्थगित करने की मांग को लेकर छात्रों का एक वर्ग मोर्चा खोले हुए है। जिसे कांग्रेस व दूसरे विपक्षी राजनीतिक दलों का भी समर्थन मिल रहा है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार को भी ट्वीट कर सरकार पर निशाना साधा। और सरकार से मांग की कि सभी पक्षों से बातचीत कर इसका समाधान निकाला जाए। इससे पहले महाराष्ट्र, उड़ीसा, पश्चिम बंगाल और दिल्ली जैसे राज्य परीक्षाओं को स्थगित करने की मांग कर चुके है।

परीक्षा रद्द होने से निजी शैक्षणिक संस्थानों को मिलेगा फायदा : शिक्षा मंत्रालय
वहीं शिक्षा मंत्रालय के सूत्रों की मानें तो जो लोग परीक्षाओं को स्थगित या रद्द करने की मांग कर रहे है, वह निजी शैक्षणिक संस्थान चलाने वाले एक वर्ग को फायदा पहुंचाना चाहते है। सत्र में बहुत वक्त नहीं बचा है और ऐसे में परीक्षा टलती है तो निजी संस्थानों को मनमाने तरीके से एडमिशन देने का अवसर मिल सकता है।

परीक्षाएं फिर टलती हैं तो नया सत्र शुरु कर पाना होगा असंभव: एनटीए
गौरतलब है कि मौजूदा योजना के तहत जेईई मेंस की परीक्षाएं एक से छह सितंबर को और नीट की परीक्षा 13 सिंतबर को होना है। बहरहाल एनटीए का कहना है कि जो लोग कोरोना संक्रमण का हवाला देकर इन परीक्षाओं को स्थगित करने की मांग कर रहे है, उनकी मांग पर पहले भी दो बार इन परीक्षाओं को टाला जा चुका है, लेकिन अब इन परीक्षाओं को टालना इसलिए भी संभव नहीं है, क्योंकि इसके बाद शैक्षणिक संस्थानों के लिए नया सत्र शुरु कर पाना असंभव होगा। ऐसे में छात्रों का यह साल खराब होगा। जो ज्यादातर छात्र और अभिभावक नहीं चाहते है। एनटीए के महानिदेशक विनीत जोशी ने बताया कि जहां तक बात कोरोना संक्रमण से सुरक्षा को लेकर है, तो वह सरकार की ओर से जारी सुरक्षा निर्देशों का पूरी तरह से पालन करेंगे। इसकी तैयारियां भी पूरी हो चुकी है। परीक्षा केंद्रों की संख्या बढ़ा दी गई है। वहीं नीट की परीक्षा में एक कमरे में सिर्फ 12 छात्रों को ही बैठाया जाएगा। अब तक एक कमरे में 25 छात्रों को बैठाया जाता था। वहीं जेईई मेंस की परीक्षा जो पूरी तरह कोमप्यूटर  बेस्ड होती है, उनमें भी अलग-अलग शिफ्टों में बच्चों को बुलाया गया है। साथ ही टरों कोमप्यूटर नंबरिंग भी की गई है। इसके तहत एक शिफ्ट में सम नंबर वाले कोमप्यूटर पर परीक्षा होगी, जबकि दूसरी शिफ्ट में विषम नंबर वाले कोमप्यूटर पर परीक्षा होगी।

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