कोल्हापुरी चप्पलें ,फेशन भी सेहत भी

Kolhapuri Chappal
तलवों को आराम पहुंचाती हैं कोल्हापुरी चप्पलें 
कोल्हापुरी चप्पलों का सोल काफी सपाट और पतला होता है। इसके बावजूद पहनने वाले को यह काफी आरामदेह लगता है, क्योंकि सपाट सोल के कारण आपके पैर चप्पल पर बराबरी से फैलते हैं। इस तरह आपके पैरों का कोई भी कोना इसमें दबा नहीं रहता, जिसके कारण चलते वक्त हमारे पैरों में रक्त का संचार अच्छे से होता है। 

उंगलियों को मिलता है आराम 
कोल्हापुरी चप्पलें आगे से खुली होती हैं, इसलिए यह आपके नाखून व उंगलियों को काफी आराम पहुंचाती हैं। इसके अलावा जिन लोगों में पैर के अंगूठे के जोड़ पर कड़ा गूमड़ सा हो (बनियन) हो, उनके लिए भी कोल्हापुरी चप्पलें बहुत फायदेमंद होती हैं। इस चप्पल में पैरों का ज्यादातर हिस्सा खुला होता है, इसलिए इस बीमारी से ग्रस्त लोगों के लिए इसे पहनना आसान होता है। कुछ लोगों की उंगलियां आगे से या बीच से उठी-उठी सी या टेढ़ी सी लगती हैं उनके लिए यह काफी फायेदमंद है। कोल्हापुरी चप्पलों में सीधे चलने से दवाब पड़ता है, जिससे कि उगंलियों पर दवाब पड़ने से वह सीधे हो सकते हैं। 

कुशन वाली कोल्हापुरी चप्पलें हैं ज्यादा फायदेमंद 
इन दिनों जहां स्टाइल बदल रहा वैसे ही बदलते हुए डिजाइल के साथ कोल्हापुरी चप्पलें भी बदल रही हैं। आजकल इन चप्पलों के तलवों (सोल) में कुशन का प्रयोग भी होने लगा है। मोटे सोल वाली कोल्हापुरी चप्पलें ज्यादा फायदेमंद हो सकती हैं। जिनके पैरों की पिंडलियों में ज्यादा दर्द हो, वो इसे पहनने से बचें। 

कई डिजाइन्स और स्टाइल्स में हैं उपलब्ध 
अब बात चप्पलों के स्टाइल की करें तो रंग-बिरंगे फुनगियां लगीं काल्हापुरी काफी फंकी लगते हैं। इसके साथ राजस्थानी कढ़ाई वाले चप्पलें भी लोग काफी पसंद करते हैं। लखनवी चिकन क े  हल्के-हल्के काम से सजी-धजी चप्पलें थोड़ी मंहगी होती हैं, मगर वो ज् यादा कंफर्टेबल होती हैं। चमड़े पर सिल्क य ा चिकन के कपड़ो को चिपकाकर बनाए गए यह कोल्हापुरी चप्पल देखने में काफी शानदार लगते हैं। दिन पर दिन इन्हें चाहनेवालों की गिनती बढ़ती ही जा रही है। इसके डिजाइन्स में जिस तरह से बदलाव आ रहा है, आप चाहे तो इसे अपने हिसाब से ऑडर करके भी बनवा सकते हैं। त्योहार ही नहीं बल्कि शादी-ब्याह के मौकों पर भी दुल्हन चप्पलों के रूप में भी इन्हें तैयार किया जा रहा है। 


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