कश्मीर में नया संगठन खड़ा करने की फिराक में थी आईएसआइ

नई दिल्ली
पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के समानांतर एक गैर-सरकारी संगठन (एनजीओ) बनाना चाहती थी क्योंकि उसे लगने लगा कि हुर्रियत से कश्मीरी लोगों का विश्वास खत्म हो गया है। यह खुलासा एनआईए की चार्जशीट से हुआ है। आईएसआई ने यह काम इरफान शफी मीर को सौंपा था, जोकि घाटी में रहने वाले 31 वर्षीय वकील है। इरफान पर पाकिस्तान की आईएसआई और हिज्बुल के शीर्ष नेतृत्व दोनों को भरोसा था।
एनआईए ने अपनी चार्जशीट में कम से कम छह आईएसआई अधिकारियों का जिक्र किया है, जोकि इरफान मीर के साथ संपर्क में थे। इन छह के नाम उमर चीमा, ईशान चौधरी, फैजल, सोहेल अब्बास, अरबाज और शेख साहब हैं। पाकिस्तान उच्चायोग के अधिकारी शफकत जतोई उर्फ हुसैन, जिन्हें इस साल जून में भारत विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में इस्लामाबाद वापस लौटा दिया गया था, ने दो किस्तों पर इरफान शफी मीर को 'हाउ टू डिफेंस' आयोजित करने के लिए 2.5 लाख रुपये का भुगतान किया था। यह सभी बातें एनआईए की चार्जशीट में सामने आई हैं। इन सेमिनारों की अध्यक्षता कश्मीर की हमीदा बानो और अलगाववादी नईम खान की पत्नी ने की थी। इनके खिलाफ एनआईए ने 2017 में जम्मू-कश्मीर आतंकी फंडिंग मामले में चार्जशीट दाखिल की थी। प्रोफेसर हमीदा नईम ने बताया कि यह एक सफेद झूठ है। मैंने इस तरह के किसी सेमिनार में भाग नहीं लिया है। इरफान शफी मीर को घाटी में हिजबुल मुजाहिदीन की गतिविधियों को पुनर्जीवित करने के लिए पूरी साजिश में महत्वपूर्ण व्यक्ति कहा जाता है क्योंकि वह निर्देश और पैसों के लिए नियमित रूप से नई दिल्ली में पाकिस्तान उच्चायोग का दौरा करता था।
उसे इस साल 11 जनवरी को शोपियां में जम्मू-कश्मीर के पुलिस उपाधीक्षक दविंदर सिंह और दो हिज्बुल आतंकवादियों- सैयद नावेद मुश्ताक उर्फ नावेद बाबू और रफी अहमद राथर के साथ गिरफ्तार किया गया था। वहीं, 1993 में कश्मीरी अलगाववाद को एकजुट करने के लिए एक संयुक्त मोर्चे के रूप में गठित हुआ। इसके नेता सैयद अली शाह गिलानी ने इस साल जून में इस्तीफा दे दिया था। इरफान शफी मीर के आईएसआई के साथ संबंध के बारे में बताते हुए, एनआईए ने आरोप पत्र में कहा है कि वह 2016 से एक मजीद के माध्यम से पाकिस्तान की जासूसी एजेंसी के वरिष्ठ गुर्गों को जानता था, जिन्होंने उसे हिज्बुल नेतृत्व से मिलने के लिए पाकिस्तान भी आमंत्रित किया था। उस वर्ष पाकिस्तान की अपनी 10 दिवसीय यात्रा के दौरान, मीर ने हिज्बुल प्रमुख सैयद सलाहुद्दीन, संचालन प्रमुख खुर्शीद आलम और वित्त प्रमुख नाजर महमूद से मुलाकात की थी।

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