नैचुरल डियोड्रेंट क्यों होते हैं ज्यादा बेहतर?

नेचुरल डियो के फायदे और एंटीपर्सपिरेंट्स डियो के नुकसान 

प्राकृतिक और वानस्पतिक-आधारित इत्र में कोई भी रसायन तत्व नहीं होता। वहीं लगातार चल रहे अध्ययनों से पता चलता है कि एल्यूमीनियम- आधारित एंटीपर्सपिरेंट्स के उपयोग से अल्जाइमर के विकास का खतरा बढ़ सकता है और स्तन कैंसर के संभावित संबंध में जुड़ जाता है। इसका कारण यह है कि एंटीपर्सपिरेंट्स में पाए जाने वाले एल्युमिनियम यौगिक पसीने वाले टीश्यूज के भीतर एक प्लग बनाते हैं, जिससे पसीने को त्वचा की सतह तक पहुंचने से रोका जा सकता है। जो कि हमारे लिए हानिकारक होता है। 
चारकोल, खनिज से भरपूर क्लैस और शीया बटर और नारियल तेल जैसे मॉइस्चराइजिंग वनस्पतियों से बने डियो आपकी त्वचा की स्थिति में सुधार करने में मदद कर सकते हैं और आपके पसीने की कम करने में भी मदद कर सकते हैं। 
आर्टिफिशियल डियो के फ़ार्मुलों में ट्रिक्लोसन होता है, जो न केवल हमारे स्वास्थ्य बल्कि जलवायु के लिए भी खतरा हो सकता है। इसके बढ़े हुए उपयोग के साथ, ये रसायन हमारे शरीर और पानी तक पहुंचने के बाद, हमारी नदियों और नदियों में जमा हो रहे हैं। 
अंडरआर्म्स में नियमित रूप से एंटीपर्सपिरेंट्स डियो लगाने से आपके पसीने की ग्रंथियों के साथ मिलकर एल्यूमीनियम यौगिक कुछ रिएक्शन कर सकते हैं, जिसके कारण आपकी त्वचा को नुकसान पहुंच सकता है। बहुत लंबे समय तक आर्टिफिशियल डियो के इस्तेमाल करने के बाद आप महसूस करेंगे कि आपके शरीर में गंध पैदा करने वाले बैक्टीरिया और अत्यधिक पसीने में वृद्धि हो सकती है। 
प्राकृतिक डियो आपके बॉडी के पीएच को बैलेंस करता है। साथ ही आपके शरीर में पसीने निकलने की प्रक्रिया को नेचुरल रखता है। इसके कारण न आपको ज्यादा पसीना आएगा न कम। इसके अलावा आप प्राकृतिक डियो लगाने से आपको कोई भी इंफेक्शन जैसी परेशानियां नहीं होंगी। जिन लोगों में साइनस की परेशानी होती है उनके आर्टिफिशियल डियो और भी ज्यादा खतरनाक हो सकते हैं। एंटीपर्सपिरेंट्स डियो के कारण आपके शरीर पर लाल रेशेज भी पड़ सकते हैं और आगे चलकर यह किसी गंभीर त्वचा की बीमारी का कारण बन सकता है। 

जब हम सही परफ्यूम चुनने की बात करते हैं अक्सर लोग उन्हीं परफ्यूम को चुनते हैं, जिसकी सुगंध उन्हें पसंद होती है। इसी करह हम उन्हीं परफ्यूम स को लगाना ज्यादा पसंद करते हैं, जो लंबे वक्त तक हमारे शरीर और कपड़ों से महकते रहें। ऐसे में बहुत से लोग नेचुरल और एंटीपर्सपिरेंट डियो और परफ्यूम को चुनते हैं। पर कभी आपने सोचा है कि आपके लिए कौन सा डियो या इत्र ज्यादा बेहतर है। एक एंटीपर्सपिरेंट डियो में एल्यूमीनियम की मात्रा ज्यादा होती है, जो पसीने की बदबू को उनके पोर्स में ही लॉक कर देता है। यह बैक्टीरिया को बेअसर कर पसीने के दुर्गन्ध को फैलने से रोकता है। पर लंबे समय तक इस डियो का इस्तेमाल आपके लिए खतरनाक हो सकता है। वहीं नेचुरल डिओडोरेंट का उपयोग करते समय पसीने की ग्रंथियां अत्यधिक सक्रिय होती हैं, जिसके कारण पसीने की दुर्गन्ध फैलती रहती है। इसलिए, हो सकता है कि आपके द्वारा उपयोग किया जा रहा कैमिकल युक्त डियो यानी कि एंटीपर्सपिरेंट आपको ज्यादा बेहतर लगता हो। 

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