दूध उत्पादकों की मांग के लिए महायुति का आंदोलन

सड़कों पर उतरे दूध उत्पादक किसान

Milk protest
मुंबई
महाराष्ट्र में 11 दिनों में दूसरी बार शनिवार को सैकड़ों किसान दूध की खरीद की कीमतों में वृद्धि सहित विभिन्न मांगों को लेकर राज्यभर में सड़कों पर उतरे। दूध को सीधे तौर पर 10 रुपए प्रतिलीटर तथा दूध पावडर को प्रति किलो 50 रुपए अनुदान देने की मांग को लेकर शनिवार को भाजपा, रयत क्रांति, रासप, रिपब्लिकन पार्टी (आठवले समूह) महायुति की ओर से राज्य भर में आंदोलन किया गया।
इस आंदोलन में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल, विधान परिषद में विरोधी पक्ष नेता प्रवीण दरेकर, वरिष्ठ नेता हरिभाऊ बागडे, पूर्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले, गिरीश महाजन, सदाभाऊ खोत, महादेव जानकर शामिल हुए। रास्ता रोककर साथ ही जरूरतमंदों को दूध का वितरण करके यह आंदोलन शांतिपूर्वक संपन्न हुआ। लोकमान्य तिलक और साहित्यरत्न अण्णाभाऊ साठे की प्रतिमा को पुष्पहार पहनाकर आंदोलन का प्रारंभ किया गया। आघाड़ी सरकार के विरोध में जोरदार घोषणाबाजी भी की गई।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल मावल तालुका में आयोजित आंदोलन में शामिल हुए। रासप के प्रमुख महादेव जानकर, रयत क्रांति के प्रमुख सदाभाऊ खोत ने पंढरपुर में विठ्ठल की मूर्ति का अभिषेक करते हुए आंदोलन में भाग लिया। राज्य सरकार के द्वारा आने वाले समय में दूध उत्पादकों की मांग को न मानने पर और तेज आंदोलन करने की चेतावनी पूर्व मुख्यमंत्री व विधानसभा में विरोधी पक्ष नेता देवेंद्र फड़नवीस ने दी है।
दुग्ध किसानों की समस्याओं की अनदेखी के लिए राज्य सरकार पर हमला करते हुए पाटिल ने यह जानना चाहा कि किसानों के मुद्दों को सुलझाने के लिए मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे कितनी बार दिल्ली गए। पाटिल ने कहा कि अगर उन्हें कृषि का कोई ज्ञान नहीं है, तो अजित पवार या बालासाहेब थोरात जैसे अन्य लोग भी हैं और उन्हें (ठाकरे) किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए केंद्र के पास भेजना चाहिए। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि किसानों को गाय के दूध के लिए 20 रुपए प्रति लीटर मिलना चाहिए। भाजपा के नेताओं प्रवीण दरेकर, मुंबई भाजपा अध्यक्ष मंगल प्रभात लोढा, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष हरिभाऊ बागडे, पूर्व मंत्री आशीष शेलार, राम शिंदे, भारती पवार, देवयानी फरांडे, सुरेश धस, राहुल ढिकाले, अतुल सावे, प्रशांत बंब ने राज्य के विभिन्न हिस्सों में प्रदर्शन का नेतृत्व किया। कुछ को स्थानीय पुलिस ने कुछ समय के लिए हिरासत में लिया। इससे पहले, 21 जुलाई को, अखिल भारतीय किसान सभा, स्वाभिमानी शेतकरी संगठन और अन्य किसान संगठनों ने किसानों के समर्थन में एआईकेएस समन्वय समिति के साथ आंदोलन शुरू किया था। किसानों की मांगों को 9 अगस्त तक नहीं मानने पर एआईकेएस के नेताओं और स्वाभिमानी शेतकरी संगठन के अध्यक्ष राजू शेट्टी ने देशव्यापी विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी है। वहीं, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष व राजस्व मंत्री बालासाहेब थोरात ने कहा कि भाजपा को आंदोलन करने का कोई अधिकार नहीं है, क्योंकि केंद्र की भाजपा सरकार ने दूध पाउडर के आयात का फैसला किया है, जिसके कारण घरेलू दूध की कीमतों में गिरावट आई है।
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