ड्रामा बंद हो, विरोधियों को गले लगाने को तैयार

गहलोत की गुहार

जैसलमेर
राजस्थान के सियासी घमासान में रोज नई घटनाएं सामने आ रही हैं। गहलोत खेमे के विधायकों को जयपुर से जैसलमेर शिफ्ट किया गया है। वहीं इस दौरान आरोप- प्रत्यारोप की राजनीति भी तेज हो गई है। शनिवार को जैसलमेर पहुंचे मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आरोप लगाया कि उनकी सरकार को गिराने के लिए विधायकों की खरीद-फरोख्त का बड़ा खेल खेला जा रहा है। उन्होंने राजस्थान में चल रहे इस तमाशे को बंद करवाने की अपील की है। गहलोत ने मीडिया से बात करते हुए कहा, 'दुर्भाग्य से इस बार प्रतिनिधियों की खरीद-फरोख्त का खेल बहुत बड़ा है। केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत द्वारा सरकार के खिलाफ ट्वीट किए जाने के बारे में गहलोत ने कहा कि सिंह तो अपनी झेंप मिटा रहे हैं जबकि आडियो टेप मामले में उन्हें नैतिकता के आधार पर खुद ही इस्तीफा दे देना चाहिए। उनके नेतृत्व से नाराज होकर अलग होने वाले सचिन पायलट एवं 18 अन्य कांग्रेस विधायकों की वापसी के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह फैसला पार्टी आलाकमान को करना है और अगर आलाकमान उन्हें माफ करता है तो वे भी बागियों को गले लगा लेंगे। उधर बसपा को लेकर अशोक गहलोत की टेंशन बढ़ती जा रही है €योंकि कांग्रेस में शामिल होने वाले अपने छह विधायकों को लेकर बसपा सुप्रीमों मायावती ने आक्रामक रुख अपना लिया है। मायावती का कहना है कि असंवैधानिक काम करने वाले राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत और कांग्रेस को वह सबक सिखाकर रहेंगी। इस संदर्भ में पूछे जाने पर अशोक गहलोत कहते हैं कि मायावती सीबीआई और ईडी के डर से इस तरह का बयान दे रहीं हैं, जबकि बसपा के छह विधायकों को कांग्रेस में शामिल करने की प्रक्रिया पूरी तरह संवैधानिक है।

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