सुशांत सिंह की ऑडियो क्लिप से कई खुलासे

मौत से पांच महीने पहले सुशांत ने जताई थी भविष्य को लेकर चिंता

मुंबई
सुशांत सिंह राजपूत की एक ऑडियो क्लिप सामनेसामने आई है, जो उनकी मौत से पांच महीने पहले जनवरी की बताई जा रही है। इसमें सुशांत के साथ रिया चक्रवर्ती, उनके पिता इंद्रजीत चक्रवर्ती और उनके कुछ फाइनेंशियल एडवाइजर्स की आवाज सुनाई दे रही है। सुशांत इसमें बॉलीवुड छोड़ने की बात कर रहे हैं और भविष्य की प्लॉनिंग बना रहे हैं। साथ ही सभी से वे खर्च कम करने के तरीकों पर बात कर रहे हैं। ऑडियो क्लिप सुनने के बाद स्पष्ट होता है कि सुशांत के पैसों पर पूरा कंट्रोल रिया चक्रवर्ती का था।
एक न्यूज चैनल की रिपोर्ट के मुताबिक, यह ऑडियो क्लिप 36 मिनट की है। इसमें रिया सुशांत से कह रही हैं कि उन्हें अपने पैसों की एफडी बनानी चाहिए। रिया कहती है मैं ये सब ऐसे चाहती हूं कि उदाहरण के तौर पर मैं वहां नहीं हूं, श्रुति (मोदी) भी नहीं है, मिरांडा (सैमुअल) भी नहीं है। कोई नया व्यक्ति सुशांत के साथ है। उसे सुशांत का कार्ड मिल जाए तो? पहली बात तो यह कि मैं सुशांत को एफडी बनाने की सलाह दूंगी। उसका पूरा पैसा हम एफडी में रखेंगे। 10-15 लाख रुपए से ज्यादा उसके कार्ड में नहीं होंगे। दूसरी बात कि उसे अपने पैसों पर ब्याज मिलता रहेगा। इसलिए सुशांत का डिपॉजिट सुरक्षित रहेगा। उसके दस्तखत के बगैर कोई एफडी तुड़वा नहीं सकेगा।


 मुंबई छोड़ना चाहते थे सुशांत
ऑडियो में सुशांत मुंबई छोड़ने की बात कर रहे हैं और रिया उन्हें गोवा जाने की सलाह दे रही हैं। वे कह रही हैं कि हम एक-दो महीने के लिए गोवा जाएंगे और फिर फैसला करेंगे। ये (सुशांत) अपने भविष्य को लेकर चिंतित है। खुद को सुरक्षित करना चाहता है। इसके आगे सुशांत कह रहे हैं कि वे रिटायमेंट का प्लान करना चाहते हैं और सबसे पूछ रहे हैं कि ये कैसे होगा? इस पर रिया कहती हैं कि सबसे पहले उन पैसों के बारे में सोचना चाहिए, जो उसके पास हैं। उसका रिटर्न कितना मिलेगा? सुशांत किसी प्राकृतिक और हरियाली वाली जगह जाने की बात कर रहे हैं, जहां उन्हें मन की शाति मिल सके। इस पर रिया उन्हें पावना (महाराष्ट्र) की सलाह देती हैं। वे कहती हैं कि हम एक-दो दिन में पावना जाएंगे और देखेंगे कि उसे कैसा महसूस होता है? उसे एक महीने में मन कि शांति मिलती है या नहीं? मैं ज्यादातर समय उसके साथ रहना चाहती हूं। उसके बाद हम इस घर से बाहर निकलने के बारे में चर्चा करेंगे और इसके मालिक से बात करेंगे।


 मानसिक हालत के बारे में की बात
सुशांत कह रहे हैं कि मैं मुश्किल से अपने कमरे से बाहर निकल पाता हूं। ये मेरी बौद्धिक जिज्ञासा है, अपने आप का ख्याल रखने के लिए, लेकिन किसी भी तरीके से वित्तीय तौर पर नहीं, क्योंकि मेरा दिमाग इस हालत में नहीं है। मैं किसी दिन कुछ महसूस करता हूं और किसी दिन कुछ और। इसलिए मैं इस समय को बर्बाद नहीं कर सकता। इस पर रिया कहती हैं कि हम कुछ न कुछ हल निकाल लेंगे। हम सबसे अच्छे लोग हैं।
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