सऊदी अरामको ने ड्रैगन को दिया झटका

चीन के साथ की 75000 करोड़ की डील खत्म

नई दिल्ली
सऊदी अरब की सरकारी तेल कंपनी सऊदी अरामको ने चीन के साथ 10 अरब डॉलर (करीब 75 हजार करोड़) की एक डील खत्म करने का फैसला किया है। इस डील के तहत अरामको चीन के साथ मिलकर एक रिफाइनिंग और पेट्रोकेमिकल्स कॉ प्लेक्स बनाने वाली थी। चीन के लिए यह बहुत बड़ा झटका माना जा रहा है।
अरामको ने अपने चीनी भागीदारों के साथ बातचीत के बाद चीन के पूर्वोत्तर प्रांत लिओनिंग में रिफाइनरी में निवेश नहीं करने का फैसला किया। इस मामले में अरामको ने टिप्पणी करने से भी इनकार कर दिया।
फरवरी 2019 में हुई थी डील
दरअसल कोरोना महामारी के कारण तेल की गिरती कीमतों ने दुनिया भर में ऊर्जा कंपनियों की परियोजनाओं के लिए गणना को बदल दिया है। कच्चे तेल की गिरती कीमतों और बढ़ते कर्ज के बीच अरामको ने अपने पूंजीगत खर्च में भारी कटौती की योजना बनाई है। जब क्राउन प्रिंस मोह मद बिन सलमान पिछले साल फरवरी में बीजिंग में थे। इस डील पर हस्ताक्षर किए गए थे। इस डील को उस समय एक प्रमुख सहयोगी के साथ एक ऐतिहासिक सौदे के रूप में देखा गया था।
सऊदी अरब एशिया के बाजार में हिस्सेदारी बढ़ाना चाहता था और उसने चीनी निवेश को प्रोत्साहित किया। सउदी को नॉरिनको और पेंजिन सिनकेन के साथ मिलकर एक इकाई बनाने के लिए तैयार किया गया था, जिसे हुजैन अरामको पेट्रोकेमिकल कंपनी कहा जाता है।
सऊदी अरब 300,000-बैरल प्रतिदिन की रिफाइनरी के लिए 70ज् कच्चे माल की आपूर्ति करने जा रहा था। सऊदी अरामको ने इस साल की शुरुआत में एक रिफाइनरी विस्तार परियोजना पर इंडोनेशिया की राज्य ऊर्जा कंपनी पर्टैमिना के साथ बातचीत की थी, लेकिन समझौते के बिना बातचीत समाप्त हो गई और पर्टमिना दूसरे साथी की तलाश में है।

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