प्याज, कपड़े और मिर्च के बाद अब मालगाड़ी से ट्रक भेजे गए बांग्लादेश

नई दिल्ली
कोरोना वायरस के कारण नियमित रेल सेवा बंद हैं। केवल स्पेशल ट्रेनें ही चलाई जा रही हैं। इस महामारी की वजह से रेलवे को भारी नुकसान उठाना पड़ा है।
इस घाटे की भरपाई के लिए इंडियन रेलवे ने बांग्लादेश माल पहुंचाने के लिए पार्सल सेवा की शुरुआत की है। वेस्टर्न रेलवे से लेकर ईस्टर्न और लेकर पूर्वोत्तर रेलवे से लेकर मध्यपूर्व रेलवे तक ने बांग्लादेश के लिए पार्सल ट्रेन चलाई है।
रेलवे ने मालभाड़े से अपनी कमाई बढ़ाने के लिए सभी जोन और डिवीजन में बनाई है। इससे रेलवे के साथ किसानों, दुकानदारों और ऑटोमोबाइल सेक्टर को भी फायदा हुआ है। अब तक मालगाड़ी से प्याज, मिर्च और कपड़े का निर्यात बांग्लादेश किया जा रहा था, लेकिन अब पार्सल ट्रेन से मिनी ट्रक भेज नया कीतिर्मान बनाया गया है।
इससे दोनों देशों के बीच कारोबार की नई संभावनाएं पैदा हुई हैं। भारत में निर्मित ऑटोमोबाइल्स को सड़क मार्ग से बांग्लादेश पहुंचने में औसतन 15 दिन का समय लगता था, वह अब घटकर चार से पांच दिन रह गया है।
118 मिनी ट्रक एक्सपोर्ट किए
भारतीय रेल ने उत्तराखंड के हल्दी रोड स्टेशन से बांगलादेश के बेनापोल रेलवे स्टेशन तक ट्रेन के जरिए 118 मिनी ट्रक एक्सपोर्ट किए। सड़क के जरिए ट्रांसपोर्ट की तुलना में ट्रेन से ट्रक भेजना काफी सस्ता पड़ रहा है।
साथ ही समय की भी बचत हो रही है। इन ट्रकों को भेजने के लिए मालगाड़ी में 25 न्यूली मॉडिफाइड गुड्स वैगन लगाए गए। 14,700 क्विंटल वजन के इस माल से रेलवे को 16,80,356 रुपये के राजस्व की प्राप्ति हुई है।
रेलवे के इस फैसले से आने वाले समय में देश के ऑटोमोबाइल सेक्टर को इस तरह के कई बड़े ऑर्डर मिलने की संभावना है। इतना ही नहीं, भारतीय रेलवे ने हाल ही में ट्रेन के जरिए बरेली से बांगलादेश किए। इस बारे में खुद रेल मंत्री पीयूष गोयल ने ट्वीट करके जानकारी दी थी।

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