बाढ़ नियंत्रण योजनाओं में सहयोग करे केंद्र : नीतीश

पटना
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कहा है कि पड़ोसी देश नेपाल बिहार की बाढ़ निरोधक योजनाओं को पूरा करने में सहयोग नहीं कर रहा है। जिसके कारण बाढ़ रोकने के कारगर उपायों में एक महीने की देरी हुई। मुख्यमंत्री ने फरक्का बराज से गंगा नदी का पानी निकलने में हो रही देरी से बिहार के बड़े इलाके में बाढ़ फैलने की ओर भी ध्यान आकृष्ट कराया। सोमवार को प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में बिहार समेत छह राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ देश में बाढ़ की स्थिति एवं बाढ़ प्रबंधन के लिए वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक हुई। समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ने कहा कि 2017 में बाढ़ की स्थिति की समीक्षा के लिए बिहार में प्रधानमंत्री का आगमन हुआ था। उस दौरान भी पूर्णिया में बाढ़ के संबंध में उनके साथ विस्तृत चर्चा हुई थी। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को बताया कि नेपाल में ज्यादा वर्षा होने के कारण उत्तर बिहार बाढ़ से प्रभावित होता है। हमलोगों ने अपनी सीमा क्षेत्र में बांध मजबूती का कार्य किया है। इस स्थिति पर गौर करने की जरुरत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय नदी जोड़ो परियोजना के लिए दो लाख हेक्टेयर का क्षेत्र लाभान्वित होने का दायरा निर्धारित किया गया है। इसके तहत बिहार के कोसी-मेची नदी को राष्ट्रीय नदी जोड़ो परियोजना के तहत शामिल किया जाये। कारण इससे दो लाख 14 हजार हेक्टेयर क्षेत्र लाभान्वित होगा। उन्होंने कहा कि नदी जोड़ने से बाढ़ की संभावना कम होगी और पानी का लोग ज्यादा उपयोग कर सकेंगे। नदियों को जोड़ने से बाढ़ नियंत्रण में भी सहूलियत होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गंगा नदी के कारण 2016 में 13 जिले बाढ़ से प्रभावित हुए थे। फरक्का बराज से जल निकासी में अब ज्यादा समय लग जाता है। जिससे गंगा नदी का पानी ज्यादा दिनों तक ज्यादा क्षेत्रों में फैला रहता है, इस पर भी विचार करने की जरुरत है।
उन्होंने बताया कि भारत एवं बंगलादेश के बीच गंगा नदी को लेकर किये गये समझौते के अनुसार फरक्का बराज पर गंगा नदी का जलश्राव 1500 क्यूसेक सुनिश्चित करना पड़ता है। जबकि, गंगा नदी से बिहार में मात्र चार सौ क्यूसेक पानी प्राप्त होता है। बाकी 1100 क्यूसेक जल गंगा नदी में बिहार के क्षेत्र से जाता है। इस प्रकार बिहार में गंगा नदी का पानी होते हुये भी राज्य इसका उपयोग नहीं कर पाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी राज्य के 16 जिलों के 125 प्रखंडों के 2232 पंचायतों की 74 लाख 20 हजार से ज्यादा की जनसंख्या बाढ़ से प्रभावित है। पांच लाख आठ हजार लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया है। पीएम को उन्होंने बताया कि 29 राहत शिविरों में 27 हजार लोग ठहराये गये हैं। सामुदायिक रसोई केंद्र भी चलाये जा रहे हैं, जिसकी व्यवस्थाओं का मैंने खुद जाकर जायजा लिया है।
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