2022 तक 7260 मेगावाट बढ़ जाएगी बिजली उत्पादन क्षमता : श्रीकांत

लखनऊ
प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने बताया है कि नई तापीय परियोजनाओं से 2022 तक राज्य की विद्युत उत्पादन क्षमता 7260 मेगावाट बढ़ जाएगी। जिसके बाद राज्य की कुल विद्युत उत्पादन क्षमता 12734 मेगावाट हो जाएगी। अभी 5474 मेगावाट बिजली का उत्पादन राज्य में विद्युत उतपादन गृहों से होता है। मेजा में 660 मेगावाट विद्युत उत्पादन अक्तूबर से तथा हरदुआगंज में 660 मेगावाट विद्युत उत्पादन दिसंबर से शुरू हो जाएगा।
नई तापीय परियोजनाओं का काम तय समय में पूरा हो सके इसके लिए ऊर्जा मंत्री ने सोमवार को उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने बतयाा कि 2017 में सरकार बनने के बाद से ही ऊर्जा उत्पादन बढ़ाने की दिशा में प्रयास तेज कर दिए गए थे। पूर्व की सरकारों में शुरू की गई परियोजनाओं की धीमी रफ्तार को भी बढ़ाया गया। मेजा और हरदुआगंज तापीय परियोजनाओं से इस साल के अंत तक राज्य में 1320 मेगावाट विद्युत उत्पादन होने लगेगा।
उन्होंने बताया है कि 10416 करोड़ की लागत से निर्माणाधीन ओबरा-सी परियोजना की दोनों यूनिटों से 660-660 मेगावॉट विद्युत उत्पादन भी मार्च 2022 तक शुरू हो जाएगा। 10566 करोड़ की लागत से बन रहे जवाहरपुर तापीय परियोजना की दोनों यूनिटों से भी 660-660 मेगावॉट विद्युत की निकासी की होने लगेंगी। 5816.70 करोड़ की लागत से पनकी में निर्माणाधीन पनकी तापीय विद्युत परियोजना से दिसंबर 2021 में ही विद्युत निकासी शुरू हो जाएगी। घाटमपुर में उत्पादन निगम व एनएलसी के साथ ज्वाइंट वेंचर में निर्माणाधीन तापीय परियोजना की तीनों इकाइयां भी मई 2022 से शुरू हो जाएंगी। इस परियोजना पर 17237.80 करोड़ की लागत आएगी। इससे 1980 मेगावॉट ऊर्जा उत्पादन होगा।

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