मीरा-भायंदर में 35 फीसदी पानी कटौती

भायंदर
अघोषित पानी कटौती से मीरा-भायंदर में हाहाकार मचा हुआ है। पानी को लेकर सोसाइटियों में झगड़े तक शुरू हो गए हैं। आश्चर्य है कि पानी कटौती की बात जल विभाग छुपाए रखा। शहर में करीब एक माह से 50 से 55 घंटे के अंतराल पर पानी की आपूर्ति हो रही है। ऊपर से पानी का दबाव भी काफी कम रहता है। कम दबाव और ज्यादा अंतराल पर जलापूर्ति होने से पर्याप्त मात्रा में पीने का पानी नहीं मिला पा रहा है। इसके कारण लोग टैंकर के पानी पर निर्भर हो गए हैं, जिसमें पैसा ज्यादा खर्च हो रहा है। टैंकर के दूषित जल से पीलिया, डायरिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। कोरोना संकट से आई आर्थिक तंगी में लोगों को पानी के लिए उधारी तक लेनी पड़ रही है।
कोरोना से बचाव के लिए बार-बार हाथ धोने की सलाह स्वास्थ्य विभाग की ओर से दी जाती है।लेकिन जब पानी ही नहीं है तो लोग हाथ क्या ओस से धोएंगे।
मीरा-भायंदर को दो स्रोत्रों से 211 एमएलडी पानी मिलता है। इसमें से 125 एमएलडी पानी महाराष्ट्र औद्योगिक विकास प्राधिकरण(एमआईडीसी)का शामिल है। जिसमें से 35 फीसदी यानी करीब 44 एमएलडी पानी की कटौती चल रही है। बरसात अच्छी होने के बावजूद भी पानी कटौती की बात समझ से परे हैं। हैरानी इस बात की है कि जलापूर्ति अभियंता सुरेश वाकोडे पानी कटौती की बात पेट में छुपाए रखी। कभी पाइप लाइन की मरम्मत, कभी पाइप लाइन की सफाई तो कभी बिजली कटौती से जलापूर्ति खंडित होने की झूठी जानकारी नागरिकों को देते रहे हैं।
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