80 फीसदी बेड आरक्षित करने का विरोध

मुंबई
सरकार ने कोरोना मरीजों का इलाज करने के लिए निजी अस्पतालों को 80 प्रतिशत बेड नवंबर महीने तक आरक्षित रखने का निर्देश दिया है। राज्य सरकार के इस निर्णय का निजी अस्पतालों ने विरोध किया है।
राज्य सरकार ने कोरोना महामारी फैलने के बाद निजी अस्पतालों के 80 प्रतिशत बेड कोरोना मरीजों के लिए आरक्षित कर दिए थे। राज्य सरकार का यह आदेश 31 अगस्त को खत्म हो गया, जिसे अब बढ़ाकर नवंबर अंत तक कर दिया गया है। राज्य सरकार के इस निर्णय का निजी अस्पतालों ने विरोध किया है। राज्य सरकार द्वारा बेड का आरक्षण नवंबर तक बढ़ाए जाने का विरोध में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने पत्र लिखकर किया है। एसोसिएशन का कहना है कि छोटे निजी अस्पतालों को राज्य सरकार द्वारा निश्चित की गई दर से सुविधा देना मुश्किल हो रहा है। एसोसिएशन का कहना है कि मुंबई में कोरोना इलाज के लिए बनाए गए जंबो कोविड सेंटर एक ओर खाली पड़े हैं, दूसरी ओर सरकार निजी अस्पताल पर इस तरह प्रतिबंध लादकर गलत कर रही है। आरक्षित बेड में 50 प्रतिशत छूट देना निजी अस्पतालों को बहुत परेशान कर रहा है। कोरोना पीड़ित मरीजों के इलाज के समय ऑक्सीजन देना जरूरी हो रहा है।
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