महानगर के मध्य में विशाल जंगल

नेशनल पार्क के समीप आरे की 600 एकड़ जमीन वन विभाग के लिए आरक्षित

मुंबई
संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान के समीप की आरे की 600 एकड़ भूमि वन के लिए आरक्षित रखकर वहां वनसंपदा का संवर्धन करने का महत्वपूर्ण निर्णय मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की अध्यक्षता में बुधवार को हुई बैठक में लिया गया। विश्व का यह पहला जंगल होगा, जो किसी महानगर में इतने बड़े क्षेत्रफल में फैला होगा। वर्षा निवासस्थान पर हुई बैठक में पर्यावरण मंत्री आदित्य ठाकरे ने इस संदर्भ में प्रस्ताव रखा था। बैठक में दुग्ध विकास मंत्री सुनील केदार ने इस प्रस्ताव के संदर्भ में पहल की थी।
इस बैठक में वन मंत्री संजय राठोड, नगर विकास मंत्री एकनाथ शिंदे, मुख्य सचिव संजय कुमार, प्रधान सचिव वन मिलिंद म्हैसकर, प्रधान सचिव पदुम अनुप कुमार एवं संबंधित उपस्थित थे।

अबाधित रहेंगे आदिवासियों के अधिकार
आरक्षित वन क्षेत्र का निर्णय लेते समय आदिवासी समुदाय एवं अन्य संबधितों के योग्य अधिकार अबाधित रखे जाने के निर्देश मुख्यमंत्री ने दिए। आरक्षित वन क्षेत्र के संबंध में धारा 4 अधिनियमित की जाएगी और नियमानुसार 45 दिनों की अवधि के भीतर नागरिकों से सुझाव और आपत्तियां आमंत्रित की जाएंगी। इन सूचनाओं एवं आक्षेप को सुनकर ही उसके अनुसार वन से छोड़े जानेवाले क्षेत्र को निश्चित किया जाएगा। सभी प्रकार के निर्माण कार्य, रास्ते, झोपड़ियां और आदिवासी बस्ती और अन्य शासकीय सुविधा इस पहले चरण से छोड़ दी दिए जाएंगे।
इसके साथ ही यहां की झोपड़ियों का पुनर्वसन भी जल्द ही शुरू किया जाएगा। इस पूरी अवधि के दौरान कार्यवाही के पहले चरण का प्रस्ताव वन विभाग के जरिए जल्द ही प्रस्तुत किया जाएगा। इस निर्णय से संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान और आरे स्थित वनसंपदा की रक्षा होगी।
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