आईसीयू बेड पर पैसे वालों का कब्जा

बिना लक्षण के भी बुक करते हैं : राजेश टोपे

मुंबई
कोरोना के संकट काल में आम आदमी जहां एक अदद बेड के लिए अस्पतालों का चक्कर काट रहा है तो वहीं पैसे वाले धन पशु बिना लक्षण के भी साधारण बीमारी में आईसीयू बेड पर कब्जा जमाकर बैठ जाते हैं। इस बाबत हमें जागरूक रहकर इस मानसिकता को रोकना होगा। यह तीखे विचार राज्य के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने व्यक्त किये हैं। उन्होंने आगे कहा कि यदि कोरोना संक्रमण का लक्षण नहीं है तो लोग चाहे जितना पैसा दें उन्हें आईसीयू बेड नहीं दिया जाना चाहिए। राज्य में कोरोना के हालात पर जानकारी देते हुए राजेश टोपे ने कहा कि ग्रामीण भाग में कोरोना का प्रसार हो रहा है। 80 प्रतिशत लोगों में कोविड का लक्षण नहीं है। उसका परिस्थितिनुसार उपचार किया जा रहा है।
टोपे ने बताया कि पत्रकार पांडुरंग रायकर मामले की जांच की जाएगी। इस घटने में एंबुलेंस का ना मिल पाना दुर्भाग्यपूर्ण है। ऐसी घटना दुबारा न हो इसकी पूरी कोशिश की जाएगी।इसके लिए नियम बनाये जायेंगे। जिलाधिकारी ने सभी उपचार केंद्रों को कहा है कि एंबुलेंस की सुविधा मुफ्त दी जाए। टोपे ने आगे कहा कि पुणे शहर पर उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ध्यान दे रहे हैं। वहां जम्बो अस्पताल बनाया गया है जहां आज भी व्यवस्था बनाई जा रही है। विरोधी पक्षनेता फड़नवीस के टेस्टिंग कम किये जाने के आरोप पर टोपे ने कहा कि ऐसी बात नहीं है। हमारा टेस्टिंग और ट्रेसिंग पर पूरा ध्यान है। राज्य में मंगलवार को 15765 कोरोना मरीजों की संख्या हुई तो 10978 मरीज ठीक होकर घर भी गए हैं। अभी तक कुल 584537 मरीज स्वस्थ होकर दवाखाने से ही घर भेजे गए हैं। राज्य में कुल 198523 अॅक्टिव्ह मरीज हैं। राज्य में ठीक होने वाले मरीजों की संख्या 72.32 प्रतिशत हुई है।
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