नहीं रहे बाजपेयी के हनुमान

Jaswant Singh
नई दिल्ली
पूर्व कैबिनेट मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के संस्थापक सदस्यों में से एक और पूर्व प्रधानमत्री अटल बिहारी वाजपेयी के हनुमान कहे जाने वाले जसवंत सिंह का निधन हो गया। वह 82 साल के थे और पिछले छह साल से कोमा में थे ।
दिल्ली के आर्मी अस्पताल की ओर से जारी बयान केअनुसार,'पूर्व कैबिनेट मंत्री मेजर जसवंत सिंह का आज सुबह 6.55 बजे निधन हो गया।
उन्हें जून को भर्ती कराया गया था और सेप्सिस के साथ मल्टीऑर्गन डिसफंक्शन सिंड्रोम का इलाज चल रहा था। उन्हें आज सुबह कार्डियक अरेस्ट आया। उनका कोविड स्टेटस निगेटिव है।'
भारतीय सेना में मेजर रहे जसवंत सिंह ने बाद में राजनीति का दामन थाम लिया था। भाजापा की स्थापना करने वाले नेताओं में शामिल जसवंत ने राज्यसभा और लोकसभा, दोनों सदनों में भाजपा का प्रतिनिधित्व किया। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली सरकार में उन्होंने 1996 से 2004 के बीच रक्षा, विदेश और वित्त जैसे मंत्रालयों का जिम्मा संभाला। बतौर वित्त मंत्री जसवंत सिंह ने स्टेट वैल्यू ऐडेड टैक्स की शुरुआत की जिससे राज्यों को ज्यादा राजस्व मिलना शुरू हुआ। उन्होंने कस्टम ड्यूटी भी घटा दी थी। 2014 में बीजेपी ने सिंह को बाड़मेर से लोकसभा चुनाव का टिकट नहीं दिया था। नाराज जसवंत ने पार्टी छोड़कर निर्दलीय चुनाव लड़ा मगर हार गए थे। उसी साल उन्हें सिर में गंभीर चोटें आई, तब से वह कोमा में थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जसवंत के बेटे मानवेंद्र से फोन पर बात की और अपनी संवेदनाएं प्रकट कीं। मोदी ने एक ट्वीट में कहा, 'जसवंत सिंह जी ने पहले एक सैनिक के रूप में देश की सेवा की,फिर राजनीति के साथ लंबे वक्त तक जुड़े रहकर। अटली की सरकार में, उन्होंने महत्वपूर्ण विभाग संभाले और वित्त, रक्षा तथा विदेश मामलों के क्षेत्र में अपनी छाप छोड़ी। उनके निधन से दुखी हूं। गृह मंत्री अमित शाह ने भी सिंह के निधन पर शोक व्यक्त किया। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने भी 'जसवंत सिंह के निधन पर शोक प्रकट किया ।
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