सभी राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों को एक साथ आने की आवश्यकता - चंद्रकांत पाटिल

मुख्यमंत्री ठाकरे को लिखा पत्र राज्य में कोरोना की हालत गंभीर

मुंबई
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल ने राज्य के मुख्यमंत्री उध्दव ठाकरे को पत्र लिखकर कहा कि राज्य में पिछले छह महीने से शुरू कोरोना महामारी की समस्या कम होने का नाम नहीं ले रही है। इसके विपरीत, स्थिति दिन पर दिन खराब होती जा रही है। ऐसे में राजनीति को एक तरफ रखकर सभी राजनीतक दलों और प्रमुख सामाजिक संगठनों को एक साथ आकर इस संकट का सामना करने का आह्वाहन किया है। शनिवार को मुख्यमंत्री ठाकरे को लिखे पत्र में पाटिल ने कहा कि राज्य में जिस प्रकार कोरोना का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है उससे निपटने के लिए सभी राजनीतिक दलों और कुछ प्रमुख सामाजिक संगठनों को एक साथ आने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ जनकल्याण समिति, भारतीय जैन संगठन, इस्कॉन, टाटा ट्रस्ट, आर्ट ऑफ़ लिविंग इत्यादि जैसे विभिन्न राजनैतिक दलों सहित, हम सभी के लिए यह बहुत महत्वपूर्ण है, कि यह एक साथ आकर स्थिति से निपटने के लिए काम करें। चंद्रकांत पाटिल ने कहा कि सरकार ने अपनी मर्यादा स्पष्ट करते हुए कहा कि सरकारी अस्पतालों में मरीजों के लिए बेडों की संख्या सीमित है। बड़ी संख्या में कोरोना मरीज प्राइवेट अस्पतालों में अपना उपचार करा रहे है। लेकिन इलाज के दौरान मरीजों को कठिन परिस्थिति का सामना करना पड़ रहा है। पाटिल ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में कहा कि प्राइवेट अस्पतालों में कोरोना का इलाज कराने वाले मरीजों को राज्य सरकार की योजना ज् योतिबा फुले जन आरोग्य योजना के तहत प्रतिदिन बेड की रकम निश्चित करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि कराड जिले में स्थित कृष्णा अस्पताल में 1100 मरीज स्वस्थ्य हुए है जबकि 400 मरीजों का इलाज शुरू है। पिछले महीने से लेकर आज तक सरकार ने सिर्फ 44,000 रुपए अस्पताल को दिया है। ऐसी परिस्थिति में प्राइवेट अस्पताल कैसे मरीजों का इलाज कर पाएंगे।
चंद्रकांत पाटिल ने कहा कि कोरोना काल के दौरान सामजिक और राजनीतिक क्षेत्रों में काम कर रहे कई लोग संक्रमित पाए गए थे जिन्होंने निजी अस्पतालों में इलाज कराकर कोरोना पर काबू पा लिया है। उन्होंने कहा कि मौजूदा संकट के मद्देनजर 2,000 आबादी वाले गांव में ऑक्सीजन बेड के साथ एक अच्छी तरह से सुसज्जित अस्पताल स्थापित करने की आवश्यकता है । सुविधाएं प्रदान करते हुए चिकित्सा, पैरामेडिकल और पूरक स्टाफ और एक वर्ष के लिए एक लाख डॉक्टरों, चिकित्सा, नर्सों, दवा की विभिन्न शाखाओं के वार्डबॉय की नियुक्ति करने की आवश्यकता है।
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