मराठा समाज के दिग्गज नेता नहीं चाहते आरक्षण: पाटिल

मुंबई
राज्य की पिछली कांग्रेस-राकांपा की आघाड़ी की सरकार बहुमत से सत्ता में थी, लेकिन आघाड़ी सरकार ने मराठा समाज को आरक्षण नहीं दिया। इससे स्पष्ट होता है कि मराठा समाज के कई दिग्गज नेता नहीं चाहते कि समाज को आरक्षण मिले। सोमवार को पत्रकारों को संबोधित करते हुए भाजपा प्रदेशाध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल ने यह बात कही। पाटिल ने कहा कि इस मुद्दों को वे कई साल से उठा रहे हैं कि मराठा समाज के आरक्षण को लेकर कांग्रेस और राकांपा गंभीर नहीं है। बिना नाम लिए राकांपा प्रमुख शरद पवार पर निशाना साधते हुए पाटिल ने कहा कि राज्य की महाविकास आघाड़ी सरकार को लगता कि समाज के आरक्षण की समस्या खत्म करनी है तो सरकार को मंत्रिमंडल की बैठक में 1500 करोड़ रुपए की मंजूरी देनी चाहिए। सरकार पर निशाना साधते हुए भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि मराठा समाज के आरक्षण पर विफल साबित हुई राज्य सरकार ने धारा 144 इसलिए लागू की ताकि समाज के लोग अपनी मांग को लेकर आंदोलन न कर सकें। उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि समाज के दिग्गज नेता नहीं चाहते कि मराठा समाज को आरक्षण मिले, क्योंकि अगर समाज को आरक्षण मिल गया तो समाज में बेरोजगार और गरीब युवा उनके पीछे कैसे घूमेंगे? उन्होंने कहा कि वर्ष 1999 से लेकर 2014 तक राज्य में कांग्रेस और राकांपा की बहुमत की सरकार थी, लेकिन तत्कालीन आघाड़ी सरकार ने समाज को आरक्षण देने का प्रयास नहीं किया। पाटिल ने कहा कि वहीं दूसरी तरफ मराठा आरक्षण को लेकर ओबीसी समाज भी डरा हुआ है कि अगर मराठा समाज को आरक्षण मिला तो हमारी कोटे में से कहीं उन्हें आरक्षण न दिया जाए। पाटिल ने कहा कि अण्णा साहेब पाटिल मराठा विकास महामंडल को मिलने वाला अनुदान कई महीनों से लंबित है, जिसे सरकार को तत्काल देना चाहिए।
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