सस्ती सब्जियां के लिए नवंबर तक करें इंतजार

अभी थोक और खुदरा रेट में दोगुने का अंतर

नई दिल्ली

दिल्ली वालों के लिए प्याज आने वाले दिनों में और महंगा हो सकता है। प्याज के दामों में 30 फीसद तक उछाल की संभावना मंडी के आढ़ती जता रहे हैं। मंडी प्रशासन भी इस बात से सहमत है। गाजीपुर मंडी समिति के अध्यक्ष एसपी गुप्ता के अनुसार आने वाले दिनों में प्याज के दाम बढ़ सकते हैं। प्याज के दामों में यह बढ़ोतरी आवक कम होने पर होगी। अभी तक जो जानकारी मिल रही हैं, उसके तहत दक्षिण भारत में प्याज की फसल खराब हो गई है। अब नासिक और इंदौर से प्याज आना है। ऐसे में प्याज के मंडी में जो थोक भाव 30 रुपये किलो हैं, वह 40 रुपये प्रतिकिलो तक हो सकता है

दिल्ली-एनसीआर में सब्जियों के दाम लगातार ऊंचे बने हुए हैं। टमाटर के भाव जून महीने से चढ़े हुए हैं, तो पिछले दो महीनों में आलू-प्याज के दामों में भी दोगुने तक की बढ़ोतरी हुई है। हरी सब्जियों के भाव भी नीचे नहीं आ रहे। वहीं, मंडी से खुदरा बाजार में आते-आते इनके दाम में दोगुना तक अंतर देखने को मिल रहा है। ऐसे में इन दिनों आम आदमी की थाली से सब्जियों की दूरी और बढ़ गई है। मंडी व्यापारी बढ़ी हुई सब्जियों के दामों से नवंबर तक राहत की उम्मीद जता रहे हैं।
राजधानी में सब्जियों के दामों में बढ़ोतरी बनी हुई है। सितंबर के पूरे महीने सब्जियों के दाम नीचे नहीं आए हैं। थोक मंडी में 25 रुपये प्रति किलो के भाव में बिक रहा आलू खुदरा बाजार में 40 से 50 रुपये प्रति किलो बिक रहा है। व्यापारियों के अनुसार, सब्जियों के बढ़े दामों से नवंबर से पहले राहत मिलने की उम्मीद कम ही है।
आजादपुर मंडी समिति के अध्यक्ष आदिल अहमद खान के मुताबिक आलू के दामों से राहत पाने के लिए दिल्ली वालों को नंवबर तक इंतजार करना पड़ेगा। अभी आलू की जो आवक हो रही है। वह कोल्ड स्टोरेज की हो रही है।
बंदी के दौरान किसान भी आलू की स्टोरेज ठीक से नहीं कर पाए हैं। इस वजह से दाम बढ़े हैं। ऐसे में आलू के दाम नई फसल के आने के बाद ही कम होंगे। नवंबर के महीने में नई फसल आएगी, जिसके बाद आलू के दाम नीचे आएंगे।

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