सीमा पर सैनिकों का जमावड़ा

अब अरुणाचल में नया फ्रंट खोल रहा चीन, सीमा पर खाली हुए कई गांव!

Indian Army
पेइचिंग
चीन और भारत के बीच पूर्वी लद्दाख में मई से शुरू हुआ तनाव अब और भी गंभीर होता जा रहा है। गलवान घाटी की हिंसा के बाद पैंगॉन्ग झील पर भी दोनों सेनाओं की बीच झड़प हुई। इस सबके बीच चीन की पीपल्स लिबरेशन आर्मी ने इस क्षेत्र में भारी सेना और हथियार तैनात करना तेज कर दिया है। देश के अलग-अलग हिस्सों से सेना यहां बुलाई जा रही है। चीन की हरकत को देखते हुए भारतीय सेना ने भी अपना मोर्चा मजबूत करना शुरू कर दिया है।
चीन के अखबार ग्लोबल टाइम्स ने सुरक्षा विश्लेषकों के हवाले से दावा किया है कि चीन ने सुरक्षाबल और भारी हथियारों की तैनाती बढ़ा दी है और इनके साथ युद्धाभ्यास किया जा रहा है। अखबार के मुताबिक एयर डिफेंस, सशस्त्र वाहन, पैराट्रूपर, स्पेशल फोर्स और इन्फैन्ट्री को देशभर के हिस्सों से बुलाकर इस क्षेत्र में लगाया गया है। सेंट्रल थिअटर कमांड एयरफोर्स के -6 बॉम्बर और ए-20 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट ट्रेनिंग मिशन के लिए यहां तैनात किए हैं।
लद्दाख में भारत से मुंह की खाने के बाद चीन अब अरुणाचल प्रदेश इलाके में नया फ्रंट खोलने की तैयारी कर रहा है। ऐसी रिपोर्ट है कि अरुणाचल प्रदेश में चीन से जुड़ी सीमा के नजदीक रहने वाले ग्रामीणों ने अपने गांव को खाली कर दिया है। चीन पहले से ही अरुणाचल प्रदेश को दक्षिणी तिब्बत का हिस्सा बताता रहा है। ऐसे में इस इलाके में चीन के किसी चाल से इंकार नहीं किया जा सकता। दो दिन पहले ही चीनी दूतावास ने अरुणाचल बॉर्डर से गायब हुए भारतीय नागरिकों पर जवाब देते हुए इस प्रदेश को अपना हिस्सा बताया था।
भारत ने दिया जवाब
उधर, भारतीय सूत्रों का कहना है कि चीन के सैनिक मुखपारी चोटी पर कब्जा करने के लिए गलवान जैसी हिंसा दोहराना चाहते थे। हथियारों से लैस चीनी सैनिक शेनापाओ/गॉड पाओ पहाड़ी की तरफ बढ़े। यह चोटी थाकुंग और स्पांगुर गैप के बीच में स्थित है। भारतीय सेना ने चीन की नापाक हरकतों का जवाब देने के लिए 29/30 अगस्त को इसी इलाके में जोरदार कार्रवाई करते हुए सभी प्रमुख चोटियों पर कब्जा कर लिया था। जिसके बाद से ड्रैगन बौखलाया हुआ है।

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