आज से संसद का मानसून सत्र

नई दिल्ली
संसद के मानसून सत्र की शुरुआत सोमवार से हो रही है,लेकिन उससे पहले ही पांच सांसद कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। सूत्रों के मुताबिक सत्र से पहले सांसदों की कोरोना जांच हुई थी, जिसमें लोकसभा के पांच सदस्य कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं, हालांकि अभी और सांसदों की कोरोना टेस्ट रिपोर्ट आनी बाकी है। बता दें कि मानसून सत्र से पहले भी को कोरोना टेस्ट करने को कहा गया है।
लोकसभा हर रोज चार घंटे बैठेगी और शून्य काल की अवधि भी कम करके आधे घंटे कर दी गई है। सवालों का जवाब भी लिखित रूप में दिया जाएगा। सत्र से पहले सभी सदस्यों को अपना टेस्ट कराना होगा। सांसद डिजिटल तरीके से अपनी उपस्थिति दर्ज करा सकेंगे। सदन में लगातर सैनिटाइजेशन भी होता रहेगा। बता दें कि संसद का मॉनसून सत्र 14 सितंबर से शुरू होकर 1 अक्तूबर को खत्म होगा। कोरोना संकट के बीच सांसदों की जांच कराने से लेकर लोकसभा और राज्यसभा में दूरी बनाकर बैठने की व्यवस्था करना शामिल है।
47 विधेयक पेश करेगी सरकार
कोरोना वायरस महामारी के बीच संसद का मानसून सत्र आज से शुरू हो रहा है। मानसून सत्र के लिए सत्तासीन बीजेपी सरकार ने पूरी तैयारी कर ली है। इस सत्र में सरकार 11 अध्यादेश को बिल के रूप में पेश करेगी। सत्र की शुरुआत से पहले संसदीय कार्य मंत्रालय ने एक बयान में कहा, 'मानसून सत्र 18 दिनों चलेगा और इस बार शनिवार और रविवार को भी संसदीय कार्यवाही जारी रहेगी। मानसून सत्र में कुल 47 विधेयकों (इसमें 45 बिल और दो वित्तीय मद शामिल हैं) पर चर्चा की जाएगी।'
मानसून सत्र में सरकार पिछले छह महीनों के दौरान पारित किए गए कई अध्यादेशों की जगह कुल 11 विधेयकों को संसद के पटल पर रखेगी, जिसमें कृषि, श्रम कानूनों और कराधान में सुधार शामिल हैं। इनमें से कुछ अध्यादेशों को केंद्रीय मंत्रिमंडल 'आत्मनिर्भर भारत' आर्थिक पैकेज के हिस्से के रूप में मंजूरी दी थी। जिसकी घोषणा मई में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने की थी।

ऐतिहासिक होगा सत्र: ओम बिरला
ओम बिरला ने कहा कि संसद का मानसून सत्र ऐतिहासिक होगा और कोविड-19 महामारी के मद्देनजर संसद की कार्यवाही को यथासंभव डिजिटल बनाने का प्रयास करेंगे। संसद के निरीक्षण के दौरान बिरला ने अधिकारियों के साथ मिलकर संसद के कोने-कोने का निरीक्षण किया। बिरला ने कहा, महामारी के दौरान मानसून सत्र आयोजित करना एक चुनौती थी, लेकिन हमें संवैधानिक जिम्मेदारियों का निर्वाह करना होता है। हम चाहते हैं कि संसद लोगों के प्रति अधिक जवाबदेह बने। बता दें कि सत्र के दौरान सदस्यों को संक्रमण से बचाने के लिए सीटों के बीच पारदर्शी पॉलिकार्बोनेट शीट लगाई गई हैं और सामाजिक दूरी का पालन सुनिश्चित करने की व्यवस्था की गई है।

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