हरिवंश ने उपराष्ट्रपति को लिखा पत्र

पटना

राज्यसभा के उपसभापति और जदयू सांसद हरिवंश नारायण सिंह ने मंगलवार को उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के भापति एम वेंकैया नायडू को पत्र लिखा है। अपने पत्र में हरिवंश ने रविवार को राज्यसभा में हुए हंगामे का जिक्र किया है। उन्होंने लिखा है कि 20 सितंबर को राज्यसभा में जो कुछ हुआ उससे पिछले दो दिनों से गहरी आत्मपीड़ा, आत्मतनाव और मानसिक वेदना में हूं। मैं पूरी रात सो नहीं पाया। महात्मा गांधी, जय प्रकाश, राम मनोहर लोहिया, कर्पूरी ठाकुर जैसे लोगों ने सार्वजनिक जीवन में मुझे हमेशा प्रेरित किया। मेरे सामने 20 सितंबर को उच्च सदन में जो दृश्य हुआ, उससे सदन और आसन की मर्यादा को क्षति पहुंची है। लोकतंत्र के नाम पर हिंसक व्यवहार हुआ। आसन पर बैठे व्यक्ति को डराने की कोशिश हुई। उच्च सदन की हर मर्यादा और व्यवस्था की धज्जियां उड़ाई गईं। सदन में माननीय सदस्यों ने नियम पुस्तिका फाड़ी, मेरे ऊपर फेंका। सदन के जिस टेबल पर बैठकर सदन के अधिकारी, सदन की महान परंपराओं को शुरू से आगे बढ़ाने में मूक नायक की भूमिका अदा करते रहे हैं, उनकी टेबल पर चढ़कर सदन के महत्वपूर्ण कागजात-दस्तावेजों को पलटने, फेंकने व फाड़ने की घटनाएं हुईं।

नीचे से कागज का रोल बनाकर आसन पर फेंके गए। भद्दे और असंसदीय नारे लगाए गए। हृदय और मानस को बेचैन करने वाला लोकतंत्र के चीरहरण का दृश्य पूरी रात मेरे मस्तिष्क में छाया रहा। मुझे लगता है कि उच्च सदन के मर्यादित पीठ पर मेरे साथ जो अपमानजनक व्यवहार हुआ, उसके लिए मुझे एक दिन का उपवास करना चाहिए। शायद मेरे इस उपवास से सदन में इस तरह के आचरण करने वाले माननीय सदस्यों के अंदर आत्मशुद्धि का भाव जागृत हो।


Labels:

Post a comment

[blogger]

MKRdezign

Contact Form

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget