पुणे में कोरोना से बिगड़े हालात

शरद पवार ने संभाली कमान

मुंबई
केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर, शरद पवार और पुणे के सभी सांसद विधायक एक साथ बैठे और कोरोना संक्रमण पर 4 घंटे तक लंबी मीटिंग की। पुणे में कोरोना वायरस की समीक्षा मीटिंग में पहली बार एनसीपी प्रमुख शरद पवार शामिल हुए। पुणे एक बार फिर से कोरोना का हॉट-स्पाट बन गया है। यहां पर रोजाना हजारों की संख्या में कोरोना पॉजिटिव केस आ रहे हैं। हाल ही में पुणे के जम्बो कोविड अस्पताल में इलाज के दौरान एक टीवी पत्रकार की मौत हो गई थी।
इसके बाद शरद पवार को खुद कोरोना वायरस के खिलाफ मुहिम में शामिल होना पड़ा है। शरद पवार पुणे और पिंपरी-चिंचवाड में कोरोना को लेकर दो समीक्षा मीटिंग में शामिल हुए हैं।
कोरोना के मामले में पुणे अब मुंबई और दिल्ली की कतार में शामिल हो गया है। पुणे में कोरोना के एक्टिव केस की संख्या 15973 है, जबकि शहर में कोरोना की चपेट में आए कुल लोगों की संख्या 1 लाख 03 हजार 812 है। मुंबई में कोरोना के एक्टिव केस की संख्या 22 हजार 978 है। जबकि यहां कोरोना के कुल मामले 1 लाख 53 हजार 712 हैं। अगर दिल्ली की बात करें तो यहां कोरोना के एक्टिव केसों की संख्या 23000 है। जबकि दिल्ली में कोरोना की चपेट में अबतक एक लाख 85 हजार लोग आ चुके हैं।
पुणे के जम्बो कोरोना हॉस्पिटल में सिर्फ टीवी पत्रकार पांडूरंग जयकर की ही मौत नहीं हुई, बल्कि कई लोगों ने आरोप लगाया कि इस अस्पताल में उनके नजदीकियों की जान चली गई। लोगों में असंतोष बढ़ता ही जा रहा था। सभी राजनीतिक पार्टियों के खिलाफ लोग नाराज हो रहे थे। इस हालत में ये तय हो गया कि जनता को ये संदेश देना जरूरी हो गया है कि सभी राजनीतिक पार्टियां मिलकर कोरोना वायरस संक्रमण के खिलाफ लड़ रही हैं।
महाराष्ट्र में मौजूदा सरकार में एनसीपी, कांग्रेस और शिवसेना गठबंधन का बड़ा चेहरा होने के कारण शरद पवार को इस कोशिश में लीड लेनी पड़ी। 3 सितंबर को पवार ने पिंपरी-चिंचवड में जिला और स्वास्थ्य अधिकारियों से मीटिंग की और हालात का जायजा लिया। उन्होंने अपनी पार्टी के नेताओं से भी बातचीत की।
शनिवार को केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर, शरद पवार और पुणे के सभी सांसद विधायक एक साथ बैठे और कोरोना संक्रमण पर 4 घंटे तक लंबी मीटिंग की। बाद में केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर, अजित पवार और राजेश टोपे ने पत्रकारों से भी मुलाकात की।
राज्य सरकार के मंत्री अजित पवार ने कहा कि ये पाया गया है कि जिले में 25 से 35 फीसदी लोग मास्क नहीं पहन रहे हैं। इन पर 500 रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा। खुले में थूकने वाले लोगों पर 1000 रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा।
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