शिर्डी संस्थान के कर्मचारियों की मांग हो पूरी: विखे पाटिल

Radha Krishna Vikhe Patil
मुंबई
शिर्डी साई संस्थान से जुड़े कर्मचारियों ने अपनी समस्याओं को लेकर अनेक पत्र तदर्थ समिति अध्यक्ष को भेजा है, लेकिन उन्होंने अभी तक कर्मचारियों को मिलने का समय नहीं दे रहे है। अध्यक्ष ने कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर अगर समय नहीं दिया तो मैं उसके के खिलाफ हजारों की संख्या में ग्रामीण जनता और कार्यकर्ताओ को लेकर जिला न्यायालय जाऊंगा। रविवार को रविवार को राज्य के पूर्व मंत्री और भाजपा विधायक राधाकृष्ण विखे पाटिल ने इस मामले को लेकर कर्मचारियों और कार्यकर्ताओ की बैठक बुलाई थी जिसमे संबोधित करते हुए उन्होंने यह बात कही। संस्थान के समिति अध्यक्ष को चेतावनी देते हुए पाटिल ने कहा कि अगर कमर्चारियों की समस्यायों नहीं सुना गया तो वो इसके खिलाफ अदालत में याचिका दायर करेंगे। कोरोना महामारी को लेकर बीते 17 मार्च से शिर्डी साईं बाबा का मंदिर बंद कर दिया गया है और मंदिर में मिलने वाले दान पर भारी प्रभाव के कारण कई ठेका श्रमिकों के वेतन में कटौती कर दिया गया है। वेतन में लगातार हो रही कटौती के खिलाफ कमर्चारियों ने समिति के अध्यक्ष से मिलने के लिए समय मांगा था, लेकिन उन्होंने नहीं दिया, जिसके खिलाफ कर्मचारियों ने भाजपा विधायक राधाकृष्ण विखे पाटिल की अध्यक्षता में कर्मचारियों और कार्यकर्ताओ की एक बैठक बुलाई थी। बैठक में उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिए जाने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। बतादें कि संस्थान के अंतिम मामलो की देखभाल के लिए मुंबई उच्च न्यायालय ने एक तदर्थ समिति नियुक्त की है। समिति का अध्यक्ष न्यायाधीश नहीं, बल्कि संस्थान का अध्यक्ष होता है। इसी अध्यक्ष से अपनी समस्याओं के निदान के लिए कमर्चारियों ने समय मांगा था, लेकिन उन्होंने नहीं दिया। जिसे लेकर विखे पाटिल ने अध्यक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर उनके पास कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों से मिलने का समय नहीं है, तो उन्हें पद छोड़ देना चाहिए। पाटिल ने कहा कि कमचारियों की मांग अगर पूरी नहीं हुई तो आगामी गुरुवार को ग्रामीण जनता घंटियां बजाकर और महाआरती कर अध्यक्ष का विरोध करेंगे । इसके बाद भी, यदि समिति की नीति नहीं बदलती है,तो वह श्रमिकों के साथ सांकेतिक उपवास करेंगे। इसके साथ राज्य की महाविकास आघाड़ी सरकार पर हमला बोलते हुए विखे पाटिल ने कहा कि कोरोना से निपटने के लिए बड़े -बड़े दावे करने वाली सरकार कहा है। अहमद नगर जिला के तीन मंत्री होने के बावजूद जिले की हालत दयनीय है। मरीजों के सही ढंग से उपचार नहीं मिल पा रहा है। जिले की कानून -व्यवस्था ध्वस्त हो गई है। इसके अलावा अब मंदिर में कार्यरत कमचारियों को समिति का अध्यक्ष मिलने के समय नहीं दे पा रहा है।

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