मेमोरी वीक होने पर करें ये उपाय

Memory
क्या आप भी आए दिन अपनी चाभियां खो देते हैं? या फिर फ्रिज खोलने के बाद ये सोचने लगते हैं कि आप क्या लेने आए थे। या किसी कमरे में जाने के बाद आप ये भूल जाते हैं कि आप यहां क्या करने आए थे। या ऐसा भी हुआ हो कि आप बात करते-करते भूल गए हों कि आप बात किस मुद्दे पर कर रहे थे। अगर हां तो फिर आपको अपनी मेमोरी को तेज करने के लिए उल्टा चलना शुरू कर देना चाहिए। जी हां, आप सही पढ़ रहे हैं। लंदन के हार्वर्ड विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने विज्ञान पत्रिका कॉगनिशन के जनवरी अंक में एक रिसर्च प्रकाशित की है। रिसर्च में ऐसा पाया गया है कि ऐसे लोग जो उल्टा चलते थे, या फिर चलते समय कल्पना करते थे कि वह उल्टा चल रहे हैं।या फिर वे पीछेकी तरफ चलते हुए वीडियो को देखते थे, उन लोगों में बीती हुई घटनाओं को याद करने की क्षमता उन लोगों से बेहतर पाई गई जो आगे की तरफ चलते थे या कार में गति की दिशा में बैठते थे। ये संभव है कि लोग पीछे चलने को बीते वक्त मे हुई घटनाओं से जोड़कर देखते हैं और किसी तरह से ये दिमाग में उनकी मेमोरी में रेस्पांस का रेट बढ़ा देता हो। हम जानते हैं कि इससे कोई लेना-देना नहीं हो सकता है कि कैसे उन्होंने जानकारी को इनकोड  किया है। 

 गति के प्रभावों का परीक्षण 
रिसर्चर्स ने तय किया कि वे मेमोरी पर पीछे की तरफ चलने से पड़ने वाले प्रभावों का अध्ययन करेंगे। इस रिसर्च का फैसला इसलिए किया गया क्योंकि पिछले कई अध्ययनों से ये पाया गया था कि मेमारी और गति के बीच सीधा संबंध था। उन्होंने मेमोरी से संबंधित विभिन्न प्रयोगों के लिए 114 अलग-अलग लोगों का चुनाव किया था। 
इन प्रयोगों में, रिसर्चर्स ने एक्सपेरिमेंट में हिस्सा लेने वालों को एक अपराध की घटना, कुछ शब्दों की लिस्ट और चित्रों के कुछ ग्रुप दिखाए थे। बाद में उन्होंने प्रयोग में हिस्सा लेने वालों को आगे चलने, पीछे चलने, बैठने और वीडियो देखने के लिए कहा। 
इस वीडियो में फिल्म को या तो फॉरवर्ड किया जा रहा था या फिर रिवर्स किया जा रहा था। या फिर उन्हें ये कल्पना करने के लिए कहा जा रहा था कि वह आगे या पीछे की तरफ चल रहे हैं। बाद में एक्सपेरिमेंट में हिस्सा लेने वालों से पहले दिखाए गए चित्रों या वीडियो से जुड़े हुए सवाल पूछे गए। 
सभी मामलों में, जो लोग आगे की तरफ चल रहे थे और आगे की तरफ चलने के बारे में सोच रहे थे उनकी मेमोरी कम अच्छी पाई गई। जबकि वे लोग जो पीछे की तरफ चल या सोच रहे थे या जिन्होंने रिवर्स वीडियो देखा था, वे लोग चीजों को ज्यादा अच्छे ढंग से याद रख पाए। पीछे चलने वाले उन लोगों से भी बेहतर थे जिन्होंने एक जगह बैठकर इस प्रयोग में हिस्सा लिया था। 
स्टेज क्राइम एक्सपेरिमेंट में, कुछ लोगों को एक महिला का वीडियो दिखाया गया, जो एक पार्क में अकेली बैठी हुई थी और वहीं पर उसका पर्स चोरी हो जाता है। रिसर्चर्स ने अपराध की इस घटना से जुड़े हुए 20 सवाल लोगों से पूछे थे। ये सवाल उस दिशा पर भी निर्भर थे जिसमें वे आगे या पीछे चल रहे थे या फिर अगर वे बैठकर उस घटना को देख रहे थे। रिसर्चर्स ने पाया कि पीछे चलने वाले लोगोंं ने इस घटना से जुड़े ज्यादातर सवालों के एकदम सटीक जवाब दिए थे। 

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