लोगों को जागरुक करने के लिए हर रोज एक घंटा निकालें: मोदी

नई दिल्ली
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को कोरोना वायरस से सबसे ज्यादा प्रभावित सात राज्यों के मुख्यमंत्रियों और स्वास्थ्य मंत्रियों के साथ वर्चुअल बैठक की। बैठक में उन्होंने इन राज्यों में कोविड-19 से निपटने की रणनीति और प्रबंधन की जानकारी ली। बैठक में महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, दिल्ली और पंजाब शामिल हैं।
पीएम मोदी ने कहा कि कोरोना काल में देश ने जो संयम, संवेदना और संवाद का प्रदर्शन दिखाया है, वह हमें आगे भी जारी रखना है। संक्रमण के खिलाफ लड़ाई के साथ आर्थिक मोर्चे पर भी पूरी ताकत के साथ आगे बढ़ना है। उन्होंने कहा कि मास्क पहनने को आदत बनाना मुश्किल है, लेकिन हमें तब तक इच्छित परिणाम नहीं मिल पाएंगे,जब तक हम इसे अपने दैनिक जीवन का हिस्सा नहीं बना लेते हैं।

'जिला व ब्लॉक स्तर पर लोगों से बात करें राज्य'
बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, 'देश में 700 से ज्यादा जिले हैं , लेकिन सात राज्यों के केवल 60 जिले चिंता का विषय हैं। मैं मुख्यमंत्रियों को सुझाव देता हूं कि सात दिन का एक कार्यक्रम बनाएं और प्रतिदिन एक घंटा दें। वर्चुअल तरीके से हर दिन एक जिले के एक से दो ब्लॉक के लोगों से सीधे बात करें। हमें सबसे बेहतर तरीके सीखने की जरूरत है।'
प्रधानमंत्री ने कहा, हमें प्रभावी टेस्टिंग, ट्रेसिंग, ट्रीटमेंट, सर्विलांस और स्पष्ट संदेश पहुंचाने पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता है। भारत ने मुश्किल समय में भी दुनिया भर में जीवनरक्षक दवाओं की आपूर्ति सुनिश्चित की है। हमें यह देखने के लिए एक साथ काम करना होगा कि दवाएं एक राज्य से दूसरे राज्य तक आसानी से पहुंच रही हैं।
प्रधानमंत्री ने प्रभावी मैसेजिंग पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के अधिकतर मामले बिना लक्षणों वाले सामने आ रहे हैं, ऐसे में प्रभावी मैसेजिंग बहुत जरूरत है। ऐसी स्थितियों में अफवाहें फैल सकती हैं। यह लोगों के मन में परीक्षण को लेकर संदेह पैदा कर सकता है।
कुछ लोग संक्रमण की गंभीरता को कम करके आंकने की गलती भी करते हैं। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर लगाए जाने वाले एक-दो दिन के लॉकडॉउन कोरोना वायरस को रोकने में कितने प्रभावी हैं,हर राज्य को इसका अवलोकन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी राज्य इस बारे में भी गंभीरता से सोचें कि स्थानीय लॉकडाउन से आपके राज्य में आर्थिक गतिविधियां शुरू होने से दिक्कत तो नहीं हो रही है।

'देश के हेल्थ नेटवर्क को मजबूत किया जाएगा'
प्रधानमंत्री मोदी ने बैठक में कहा कि बीते महीनों में कोरोना इलाज से जुड़ी जिन सुविधाओं का विकास किया गया है, उनसे हमें कोरोना से मुकाबला करने में बहुत मदद मिल रही है। उन्होंने कहा कि अब हमें कोरोना से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर को तो मजबूत करना ही है, जो हमारा हेल्थ से, ट्रैकिंग-ट्रेसिंग से जुड़ा नेटवर्क है, उनकी बेहतर ट्रेनिंग भी करनी है।

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