अमेरिका में राजनीतिक दबाव के आगे नहीं झुकेंगी दवा कंपनियां

सेफ और इफेक्टिव होने पर ही लांच होगी वैक्सीन

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वाशिंगटन
दुनियाभर में कोविड-19 के बढ़ते केसेस से दवा कंपनियों पर भी जल्द से जल्द वैक्सीन मार्केट में लाने का राजनीतिक दबाव बढ़ रहा है। खासकर अमेरिका में, जहां तीन नवंबर को राष्ट्रपति चुनावों के लिए वोटिंग होने वाली है। ऐसे में दवा कंपनियां अगले हफ्ते संयुक्त बयान जारी कर कहने वाली है कि जब तक वैक्सीन सेफ और इफेक्टिव साबित नहीं होती, तब तक उसे अप्रूवल के लिए पेश नहीं किया जाएगा। इसी तरह, भारत में कोवैक्सिन के फेज-2 ट्रायल्स सोमवार से शुरू हो रहे हैं। रूस के वैक्सीन स्पुटनिक-वी के ट्रायल्स पर मेडिकल जर्नल लैंसेट ने मुहर लगा दी है। यानी रूसी वैक्सीन को लेकर अंतरराष्ट्रीय बिरादरी में जो अविश्वास का माहौल बना था, वह कुछ हद तक कम हो गया है। आइए जानते हैं कि देश-दुनिया में बन रहे वैक्सीन को लेकर क्या अपडेट है...
अमेरिका में दवा कंपनियों फाइजर, जॉनसन एंड जॉनसन और मॉडर्ना ने अगले हफ्ते संयुक्त बयान जारी करने का फैसला किया है। इसमें वह कहने वाली हैं कि जब तक वैक्सीन सेफ और इफेक्टिव नहीं बन जाती, तब तक वे सरकारी अनुमति के लिए आवेदन नहीं देंगी। वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट के मुताबिक कंपनियों का यह जॉइंट स्टेटमेंट फिलहाल अंतिम रूप ले रहा है। इससे पहले तीन नवंबर को होने वाले राष्ट्रपति चुनावों से पहले वैक्सीन लाने के प्रयासों की चर्चा हो रही थी। कई वैज्ञानिक राजनीतिक दबाव में जारी होने वाले वैक्सीन के इफेक्टिव और सेफ होने पर भी आशंका व्यक्त कर रहे थे। एस्ट्राजेनेका/ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी, मॉडर्ना और फाइजर के वैक्सीन इस समय फेज-3 ट्रायल्स में हैं। वहीं, जॉनसन एंड जॉनसन का वैक्सीन इस समय फेज-2 ट्रायल्स में है।

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