यहां टिकट बांटना किसी के लिए नहीं आसान

भाजपा-जदयू की पांच-पांच सीटों पर समझौता संभव

मुजफ्फरपुर
चुनाव के बीच वर्तमान जनप्रतिनिधियों और पिछली बार चूके प्रत्याशियों ने अपनी-अपनी जमीन तलाशनी शुरू कर दी है। कुछ नए दल भी इंट्री को तैयार हैं। जिले की 11 सीटों के लिए नए समीकरण की भी सुगबुगाहट है। इनमें कुछ ऐसी सीटें भी हैं, जहां दोनों बड़े गठबंधनों में टिकट बंटवारे को लेकर माथापच्ची करनी पड़ रही। एनडीए के लिए कई सुलझी सीटें हैं तो कई उलझी। इस बीच दो पार्टियां जन अधिकार पार्टी (जाप) और मुकेश सहनी की विकासशील इंसान पार्टी (वीआइपी) मैदान में दिख सकती है।
सीटिंग सीट नगर, पारू व कुढऩी पर भाजपा की दावेदारी ही रहेगी। वर्तमान विधायक क्रमश: सुरेश शर्मा, अशोक कुमार सिंह व केदार प्रसाद गुप्ता प्राथमिकता में रहेंगे। बोचहां विधायक बेबी कुमारी के पार्टी में आने से यहां भी भाजपा का दावा रहेगा। औराई भी भाजपा के खाते में रह सकती है। गायघाट में राजद से जदयू में आए वर्तमान विधायक महेश्वर प्रसाद यादव को अंतिम राजनीतिक पारी खेलने का मौका मिल सकता है। कांटी विधायक अशोक कुमार चौधरी सकरा से जदयू के टिकट पर लडऩा चाह रहे। बरुराज में भाजपा उम्मीदवार अरुण कुमार सिंह कम अंतर से पराजित हुए थे। मगर, जदयू के नेताओं की भी यहां तैयारी यहां चल रही। मीनापुर सीट पर पिछले चुनाव में भाजपा प्रत्याशी अजय कुमार राजद के राजीव कुमार उर्फ मुन्ना यादव से पराजित हुए थे। जदयू यहां दावा कर सकता है। कांटी से एनडीए के 'हम' प्रत्याशी पूर्व मंत्री अजीत कुमार पराजित हुए थे, यहां भी जदयू की दावेदारी हो सकती है। उम्मीदवारी के लिए चिकित्सक डॉ. राजीव कुमार जोर आजमाइश कर रहे हैं। पिछले चुनाव में लोजपा को बोचहां में उम्मीदवारी मिली थी।

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