आयुर्वेद को पुनर्जीवित करने का समय: राज्यपाल

Bhagatsingh Koshyari
मुंबई
राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने कहा कि पिछले 50-60 वर्षों में आयुर्वेद की उपेक्षा की गई है, लेकिन अब आयुर्वेद को पुनर्जीवित करने का समय आ गया है। आयुर्वेद और आधुनिक चिकित्सा दोनों की अपनी ताकत है। अगर ये शाखाएं एक साथ शोध करती हैं, तो इससे कैंसर मरीजों के साथ-साथ अन्य बीमारियों के मरीजों को भी लाभ मिलेगा। रविवार को राजभवन में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से टाटा ट्रस्ट की सहयोगी भारतीय संस्कृति दर्शन ट्रस्ट द्वारा आयुर्वेद के माध्यम से कैंसर मरीजों के लिए कीमो रिकवरी किट शुरू किया है, जिसके उद्घाटन के बाद राज्यपाल ने यह बात कही।
उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि मौजूदा समय में पूरा विश्व कोरोना महामारी से जूझ रहा है, जिसका उपचार आयुर्वेद के माध्यम से ही किया जाएगा, ऐसा मुझे विश्वास है। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद को विश्व स्तर तक ले जाने के लिए पेटेंट दाखिल किया जाना चाहिए। साथ ही आयुर्वेदिक दवाओं के प्रसार के लिए विपणन की तुलना में अनुसंधान पर अधिक जोर दिया जाना चाहिए। राज्यपाल ने कहा कि कीमोथेरेपी किट में आयुर्वेदिक दवाओं से मरीजों को राहत मिलेगी। इस दौरान उद्योगपति रतन टाटा ने वीडियो के माध्यम से संस्था को बधाई दी। इसके साथ कैंसर विभाग के डॉ. अशोक कुकड़े, अरविंद कुलकर्णी, डॉ. विनीता देशमुख, डॉ. शुभा चिपलूनकर, डॉ. सुकुमार सरदेशमुख कार्यक्रम में उपस्थित थे।

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