मराठा आरक्षण को लेकर राज्य सरकार गंभीर नहीं

याचिकाकर्ता ने लगाया आरोप

मुंबई
मराठा समाज आरक्षण को लेकर राज्य की महाविकास आघाड़ी सरकार गंभीर नहीं है। आरक्षण को लेकर सर्वोच्च न्यायालय में सुनवाई के दौरान यह स्पष्ट दिखाई पड़ गया है। मंगलवार को आरक्षण को लेकर सर्वोच्च न्यायालय में हुई सुनवाई के बाद याचिकाकर्ता विनोद पाटिल ने यह आरोप लगाया। पाटिल ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि समाज के आरक्षण को लेकर सरकार बार -बार गंभीरता की बात करती है, लेकिन मैं लगातार कहता आ रहा हूं कि सरकार मराठा समाज के आरक्षण को लेकर गंभीर नहीं है। जिसका खुलासा न्यायालय में सुनवाई के दौरान दिखाई दिया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस बात का जवाब नहीं दे पाई कि आवेदन में देरी क्यों हुई। वही मंगलवार को न्यायालय में आरक्षण के सुनवाई के बाद मराठा समाज के आरक्षण के उपसमिति के अध्यक्ष अशोक चव्हाण ने कहा कि राज्य सरकार के अधिवक्ता मुकुल रोहतगी और परमजीत सिंह पटवालिया ने न्यायालय में तीसरी सुनवाई के दौरान अपना पक्ष प्रभावी ढंग से रखा है। इस मामले की अगली सुनवाई गुरुवार तीन सितंबर को होगी।
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