भारत में नीरव मोदी को नहीं मिल पाएगा निष्पक्ष ट्रायल

नई दिल्ली
लंदन के वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट कोर्ट में बचाव पक्ष के गवाह के तौर पर शुक्रवार को पेश हुए सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस मार्कंडेय काटजू ने कहा कि नीरव मोदी को भारत में निष्पक्ष ट्रायल नहीं मिल पाएगा। भगोड़ा कारोबारी नीरव मोदी मामले में मजिस्ट्रेट कोर्ट से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई के दौरान पूर्व जस्टिस काटजू ने कहा कि अगर हीरा कारोबारी नीरव मोदी का भारत में प्रत्यर्पण किया जाता है तो भारत में निष्पक्ष ट्रायल नहीं मिल पाएगा। नई दिल्ली से 130 मिनट के अपने बयान में काटजू ने आरोप लगाया कि भारत में न्यायिक व्यवस्था चौपट हो गई है। उन्होंने दावा किया कि जांच एजेंसियां जैसे- सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय राजनीतिक गुरुओं के इशारों पर काम कर रही हैं। कोर्ट में पांच-दिवसीय सुनवाई नीरव मोदी के प्रत्यर्पण ट्रायल का हिस्सा है, जिसमें जजों को यह तय करने की आवश्यकता है कि क्या भारत सरकार द्वारा पेश साक्ष्य के आधार पर भारत में उसके खिलाफ प्रथम दृष्टया मामला है-सजा या अपराध के निर्णय तक नहीं पहुंचने के लिए। काटजू ने अपने आरोपों के समर्थन में कई केस और मुद्दों को रखा। जिनमें 2019 में पूर्व जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता में सुप्रीम कोर्ट की एक बेंच की तरफ से अयोध्या पर दिया गया फैसला शामिल हैं। रविशंकर प्रसाद की तरफ से एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान नीरव मोदी को अपराधी कहने पर सवाल उठाते हुए काटजू ने कहा कि भारत सरकार ने अपने दिमाग में बिठा लिया है।

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