फरेबी चीन की हर चाल नाकाम होगी

  रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा चीन से तनातनी और गतिरोध को लेकर संसद के दोनों सदनों में दिए गए वक्तव्य के बाद जहां एक ओर चीन के सामने यह पुन: स्पष्ट कर दिया गया है कि हमारा देश चीन द्वारा नियंत्रण रेखा पर यथास्थिति बदलने के किसी भी प्रयास को किसी भी स्थित में स्वीकार नहीं करेगा. वहीं दूसरी ओर यह भी साफ़ शब्दों में जता दिया गया है कि भारत अपनी संमप्रभुता और अखंडता की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है. इस मुद्दे पर जिस तरह राज्य सभा में पूरे विपक्ष ने विशेषकर कांग्रेस के नेता गुलाम नबी आजाद ने यह विश्वास व्यक्त किया कि कांग्रेस सहित समूचा विपक्ष चीन के मुद्दे पर सरकार और सेना के साथ है. चीन को अप्रैल की स्थिति तक वापस जाना ही होगा, सराहनीय है. सत्ता पक्ष और विपक्ष की आपस मे तना-तनी, घेराबंदी, आरोप-प्रत्यारोप स्वाभाविक है, लेकिन जब बात देश की एकता और अखण्डता से जुड़ी हो, और देश की सीमाओं की रक्षा की बात हो और देश के दुश्मनों से निपटने की बात हो, तब पूरा देश, चाहे वह विपक्ष हो या सत्ता पक्ष एक ही आवाज निकलनी चाहिए. इस तनातनी के दौरान जिस तरह से कांग्रेस के यूवराज राहुल गांधी बयानबाजी कर रहे थे. उसमें यह भाव कम दिख रहा था और जिसको भुनाने का काम भी चीन कर रहा था. कांग्रेस मोदी को कमजोर करना चाहती है, आदि प्रोपैगंडा भी चला रहा था. आज हमारी एकता के स्वर, हमारी सेना के शौर्य, जांबाजी तथा हमारे कूटनीतिज्ञों की कुशल चालों ने चीन को हिला कर रखा है, यह उसके मनोबल को और तोड़ेगा. चीन किस तरह प्रोपैगंडा का मास्टर है इसका अंदाज इसी बात से लगया जा सकता है कि आज कल वह सीमा पर पंजाबी गीत सुना रहा है. उसे पता नहीं कि पंजाबी कौम हमेशा दुश्मनों के दांत खट्टे करने के लिए जानी जाती है. उसकी कठपुतली पाक लम्बे समय से उन्हें भड़काने और अपने पाले में करने में लगा है लेकिन उसके हाथ में फजीहत के सिवाय कुछ नहीं आया. चीन की विदेशी नीति ही दूसरे देशों को अपने माया जाल में फंसाकर, या धमकाकर अपना उल्लू सीधा करने या उसकी जमीन हड़पने की रही है. वह गरीब देशों को पाकिस्तान की तरह अपना प्यादा बना लेने का शातिर खिलाड़ी है. यह अलग बात है कि आज उसकी पूरी चाल दुनिया जान चुकी है. वे छोटे देश जो कभी उसकी ओर आशा भरी निगाहों से देखते थे, आज उससे किनारा कर रहे है. वह कितने नीचेगिर सकता है इसका ताजा प्रमाण उसकी पाक से मिलकर हमारे इलाके में आतंकी भेजने की कोशिश है. वह पाक के आतंकियों को हमारी सीमा में घुसपैठ कराने के पातक में भी भागीदार है, उन्हें हथियार भी मुहैया करा रहा है. चीन हमसे दोस्ती की बात तो करता है परंतु सीमा पर अपनी ताकत बढ़ा रहा है. वह हमारे इलाके से पीछे नहीं जा रहा है, लेकिन मिलने के लिए गिड़गिड़ा भी रहा है, और जो बातें तय होती है उन्हें भी नहीं मानता. हमें गुमराह करने के लिए हमारी सीमा पर उसके सैनिक भांगड़ा कर रहे है और पंजाबी गीत सुना रहे है, तो आवश्यक है कि पूरा देश एकजुटता के साथ सेना और सरकार के साथ खड़ा रहे, सरकार चीन को सबक सिखाने के लिए जो भी कदम उठा रही है उसका पूरा साथ दे, और उसके सामानों का बहिष्कार करे. जब देश पर किसी दुश्मन की टेढ़ी नजर हो तो देश के हर व्यक्ति के लिए वह दुश्मन हो जाता है. सžत्ता और विपक्ष एक साथ मिलकर उसका प्रतिकार करते है. यही करने का हमारा इतिहास रहा है. हमने हमेशा दुश्मन की आँख निकाली है और उसे उसकी औकात दिखाई है. चीन को लेकर भी इस बार हमारे निजाम और सेना का वही इरादा है. जो जनता, सत्ता और विपक्ष सबकी इच्छा है, और यह जरूर पूरी होगी. फरेबी चीन की हर चाल नाकाम होगी. 

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