अनोखे अंदाज में संसद सत्र की शुरुआत

30 सांसद कोरोना पॉजिटिव!

नई दिल्ली
कोरोना काल में मानसून सत्र की शुरूआत के साथ ही सोमवार को कई संसदीय रिकार्ड भी बने और बड़ी संख्या में सांसदों की मौजूदगी के जरिए अभूतपूर्व संदेश भी दिया गया। पहले दिन लोकसभा के कुल 359 सदस्य मौजूद थे। संसद के इतिहास में यह पहला मौका है जब कोविड-19 प्रोटॉकाल की वजह से लोकसभा के सांसद सदन की दीर्घाओं से लेकर राज्यसभा चैंबर में बैठे।
इसी तरह राज्यसभा के सदस्यों ने भी दीर्घाओं से लेकर लोकसभा में बैठकर सदन की कार्यवाही में हिस्सा लिया। संसदीय इतिहास में यह भी पहला मौका है कि जब संसद का पूरा सत्र सुबह और शाम की दो पालियों में बांटा गया है। सत्र के पहले दिन ही ३० सांसद और ५० से ज्यादा संसद के कर्मचारी कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। कोरोना पॉजिटिव पाए जाने वाले सांसदों में मीनाक्षी लेखी, अनंत कुमार हेगड़े, हनुमान बेनीवाल, जामयांग शेरिंग नामग्याल और परवेश साहिब सिंह शामिल हैं। इन सभी को खुद को क्वारंटीन करने को कहा गया है।
राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के राष्ट्रीय संचालक बेनीवाल की पहले जांच रिपोर्ट निगेटिव आई थी, लेकिन आईसीएमआर की ओर से कराई जांच में वह पॉजिटिव पाए गए हैं।
लोकसभा और राज्यसभा के सभी सांसदों और सचिवालय के कर्मचारियों को प्रवेश से पहले कोरोना टेस्ट अनिवार्य किया गया है। लोकसभा और राज्यसभा के सभी सांसदों और सचिवालय के कर्मचारियों को प्रवेश से पहले कोरोना टेस्ट अनिवार्य किया गया है। संवैधानिक बाध्यता के कारण मानसून सत्र तो बुला लिया गया था लेकिन मौजूदगी को लेकर आशंकाएं थीं। सोमवार को यह आशंका धराशायी हो गई। सुबह लोकसभा में लगभग साढ़े तीन सौ सांसद उपस्थित थे तो शाम को राज्यसभा में लगभग सभी सदस्य मौजूद थे। इसकी आहट रविवार को ही मिल गई थी जब एडवाइजरी कमिटि की बैठक में अलग अलग दलों के सदस्यों ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था के लिए लोकसभा अध्यक्ष को बधाई दी थी।

प्रणब मुखर्जी को दी गई श्रद्धांजलि
सत्र की शुरूआत में पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी और 13 अन्य पूर्व सांसदों के निधन पर श्रद्धांजलि देकर सदन की बैठक उनके सम्मान में एक घंटे के लिए स्थगित कर दी गई। इसके बाद जैसे ही कार्यवाही शुरू हुई तो स्पीकर ओम बिरला ने सांसदों के दिखाए उत्साह की सराहना की। बड़ी संख्या में सांसदों ने उपस्थित होकर देश को संदेश दिया। संसद में पहले ही दिन सरकार पूरी तैयारी के साथ आई थी। कृषि सुधारों से जुड़े तीन अध्यादेशों पर विपक्षी विरोध के बावजूद सरकार ने नए विधेयकों को पेश करने की झड़ी लगा दी।

कई अध्यादेश पारित

कृषि सुधारों से जुड़े दो अध्यादेशों से संबंधित विधेयक के साथ सरकार ने लोकसभा में पहले ही दिन दो विधेयक पारित भी करा लिए। कृषि सुधारों से जुड़े अध्यादेशों पर विपक्ष के विरोध और आशंकाओं को कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर ने खारिज करते हुए कहा कि इन कानूनी बदलावों से किसानों को उनकी फसल का न केवल वाजिब मूल्य मिलेगा बल्कि खेती के क्षेत्र में नई तकनीक और संसाधनों के निवेश का रास्ता खुलेगा। कृषि मंत्री ने कहा कि वे सदन को भरोसा दे रहे हैं कि नए सुधार कानूनों के बावजूद एमएसपी व्यवस्था जारी रहेगी।

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