किसान विधेयक पर कांग्रेस की दोहरी भूमिका: फड़नवीस

विधेयक को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष में चल रही आर-पार की लड़ाई के बीच विधानसभा में विपक्ष के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस ने कांग्रेस पार्टी पर जमकर निशाना साधा। शुक्रवार को नवी मुंबई में माथाड़ी कामगार नेता अण्णासाहेब पाटिल की 87वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए फड़नवीस ने कहा कि किसान विधेयक को लेकर कांग्रेस पार्टी दोहरी भूमिका निभा रही है। विधेयक को लेकर विपक्षी पार्टियां राजनीति कर रही हैं। फड़नवीस ने कहा कि विधेयक को लेकर जिस प्रकार कांग्रेस पार्टी दोहरी भूमिका निभा रही है, उसका जबाब राज्य के किसान उसे जरूर देंगे। विपक्ष के नेता ने कहा कि किसानों के उत्थान के लिए राज्य में विधेयक को लागू करना होगा। विपक्ष पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि अपनी राजनीति चमकाने के लिए किसान विधेयक का झूठा विरोध किया जा रहा है। राज्य में इसे लागू न करके सरकार किसान विरोधी काम कर रही है। फड़नवीस ने कहा कि 2019 के लोकसभा चुनाव के अपने घोषणा पत्र में इस विधेयक का जिक्र करने वाली कांग्रेस पार्टी सत्ता में नहीं आ पाई, इसलिए विधेयक पास होने पर इसका विरोध कर रही है।

महाराष्ट्र में नहीं लागू होगा कृषि बिल
महाराष्ट्र सरकार ने कृषि बिल को लेकर अपना बयान जारी किया है। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने कहा है कि वो पूरी कोशिश कर रहे हैं कि महाराष्ट्र में कृषि बिल लागू न हो। बता दें कि कृषि बिल को लेकर पूरे देश के किसान सड़कों पर आ गए हैं। किसानों को डर सताने लगा है कि इस बिल से उनकी आजादी और एमएसपी दोनों छिन जाएगी। उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने कहा है कि किसानों ने बिल के खिलाफ कई राज्यों में प्रदर्शन शुरू कर दिया है, क्योंकि उन्हें लगता है कि इस बिल से उन्हें नुकसान होगा। उन्होंने कहा कि एनसीपी ने भी इस बिल का विरोध किया है। समझ नहीं आता कि इस बिल को पास करवाने की इतनी जल्दी क्यों थी? हम कोशिश कर रहे हैं कि महाराष्ट्र में ये बिल लागू न हो। इसके लिए मीटिंग भी की जा रही है।
इधर महाराष्ट्र कांग्रेस के अध्यक्ष और राज्यमंत्री बालासाहेब थोराट ने कहा है कि राज्य में बिल लागू नहीं किया जाएगा। राज्य मंत्री बालासाहेब थोराट ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि हम संसद द्वारा पारित कृषि विधेयकों का विरोध करते हैं। महाराष्ट्र विकास आघाड़ी की सरकार भी इसके खिलाफ है। हमने फैसला लिया है कि राज्य में इसे लागू नहीं किया जाएगा। बता दें कि कृषि बिलों के विरोध में आए किसान सड़क पर उतर आए हैं। शुक्रवार को भारत बंद का कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने विरोध किया है। वहीं किसानों से जुड़े 31 संगठन भी इस भारत बंद में साथ हैं।
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