कोरोना योद्धाओं के परिजनों को मुआवजे का इंतजार

मुंबई
वैश्विक महामारी कोरोना के दौरान आम नागरिकों की सेवा करते हुए जान की बाजी लगाकर शहीद होने वाले कोरोना योद्धाओं के परिजनों को आज भी मुआवजे का इंतजार है। लोगों को कोरोना संक्रमण से बचाने में लगे मनपा कर्मी भी कोरोना के संक्रमण से बच नही पाए हैं। इस कड़ी में मनपा के लगभग 2557 अधिकारियों एवं कर्मचारियों को कोरोना संक्रमण हो गया था, जिसमें से 132 अधिकारी और कर्मचारियों की अब तक मौत हो चुकी है। कोरोना महामारी से शहीद हुए कर्मचारियों के परिजनों को अब सहायता राशि पाने के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। मनपा कामगार संगठनों की यूनियन ने प्रशासन से मृत कर्मचारियों के परिजनों को पूर्व घोषित 50 लाख रुपए की सहायता राशि देने की मांग की है।
उल्लेखनीय है कि कोरोना महामारी के दौरान मनपा के उपायुक्त से लेकर सहायक आयुक्त तक की मौत हुई है। इस बीच कोरोना काल में बड़ी संख्या में सफाई कर्मचारियों की भी मौत कोरोना संक्रमण से हुई है। मुंबई में कोरोना महामारी फैलने के बाद सबसे अधिक जरूरत मनपा कर्मचारियों की पड़ी। डॉक्टरों के साथ मरीजों की देखभाल के लिए नर्स से लेकर, जिन इमारतो में कोरोना मरीज पाए गए, उन इमारतों को सैनेटाइज करना, सील हुई इमारतों के रहिवासियों को खाने आदि की सुविधा उपलब्ध कराने का काम मनपा कर्मचारियों को करना पड़ा। इस महामारी में जहां एक ओर लोगों को घरों में रहने की सलाह दी जाती थी, तो वहीं मनपा कर्मचारियों को लोगों को सुविधा देने के लिए जमीन पर उतरने के लिए मजबूर रहना पड़ा। मनपा कर्मचारियों द्वारा अपनी जान पर खेलकर लोगों को सुविधा मुहैया कराने के लिए सरकार की ओर से कर्मचारियों को 50 लाख का बीमा कराया गया था। अब कोरोना महामारी से मृत हुए मनपा कर्मचारियों के परिजनों को बीमा की राशि पाने के लिए चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
मनपा प्रशासन ने मृत हुए 132 कर्मचारियों में से 125 कर्मचारियों की सहायता राशि को लेकर केंद्र सरकार के पास बीमा राशि देने को पत्राचार किया है। अभी तक मात्र पांच मृतक के परिजनों को बीमा राशि मिल पाई है।
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