योगासन से हाथ-पैर बनाएं मजबूत

Yogasan
सूबह को होने वाली अकड़न को दूर करने और दिन भर रिफ्रेश बने रहने के लिए जहां योगासन बेहद जरूरी हैं। वहीं इनकी मदद से कई बीमारियों से न सिर्फ बचाव ही किया जा सकता है, बल्कि इन्हें दूर भी किया जा सकता है। योग करने से शरीर को एनर्जी मिलती है और मन शांत रहता है। योगासन करने से शरीर में लचीलापन बना रहता है। हाथों और कंधों की मजबूती के लिए भी योगासन बहुत जरूरी होते हैं। साथ ही इनको दिनचर्या में शामिल करने से डाइजेस्टिव सिस्टम भी बेहतर बना रहता है। अगर आप भी चाहते हैं कि आपकी सेहत अच्छी रहे और आपके हाथ पैर मजबूत बने रहें, तो इन योगासन को अपने रुटीन में शामिल करें।  
  पर्वतासन:
इस आसन को करने के लिए सबसे पहले बैठ जाएं। अपनी रीढ़ को सीधा रखें और अपने दोनों हाथों की उंगलियों को एक-दूसरे के साथ इंटरलॉक कर लें। अब अपनी हथेलियों को पलट लें और इन्हें अपने सिर की सीध में रखे रहें। इसके बाद अपने हाथों को ऊपर की तरफ ले जाएं। ध्यान रहे आपके हाथ सीधे हों। इसके बाद गहरी सांस लेते हुए कंधे, बाजू और पीठ की मांसपेशियों में एक साथ ङ्क्षखचाव महसूस करें। इस स्थिति में दो मिनट तक रहें। फिर सांस छोड़ते हुए अपने हाथों को नीचे की ओर ले आएं। इस आसन को नियमित करीब 10 मिनट तक करें। 
  शलभासन
: इस आसन को करने के लिए सबसे पहले पेट के बल लेट जाएं। ध्यान रखें अपने पैरों को एक-दूसरे से दूरी पर रखें। इसके बाद अपने माथे को अपनी हथेलियों के ऊपर रख दे। अब अपने शरीर को आराम दें। फिर अपने दोनों पैरों को आपस में मिला लें और अपने दोनों हाथों को अपने शरीर के पास रखें। ध्यान रखें कि आपकी हथेलियां ऊपर की ओर हों और आपकी ठोड़ी जमीन पर हो। इसके बाद एक गहरी सांस लेते हुए अपने पैरों को जमीन से ऊपर की ओर उठाएं। पैरों को उतना ही ऊपर उठाएं, जितना आप अपने घुटनों को बिना मोड़े उठा सकते हैं। इस स्थिति में सांस लें और छोड़े। इसके बाद सांस छोड़ते हुए अपने पैरों को वापस नीचे की ओर जमीन पर लाएं। 
  नौकासन:
इस योगासन को करने के लिए सबसे पहले पीठ के बल लेट जाएं। अब अपने दोनों पैरों को एक साथ जोड़ लें और अपने दोनों हाथों को भी शरीर के साथ लगा लें। 
इसके बाद एक गहरी सांस लें और सांस छोड़ते हुए अपने दोनों हाथों को पैरों कि ओर खींचते हुए अपने पैरों के साथ अपनी छाती को उठाएं। अब एक लंबी और गहरी सांसे लेते हुए आसन को बनाए रखें और फिर सांस छोड़ते हुए विश्राम करें। 
  भुजंगासन:
इस आसन को कोबरा पोज भी कहा जाता है। यह आसन साइटिका के दर्द को दूर करने के अलावा पेट की चर्बी को भी कम करता है। 
इसे करने के लिए सबसे पहले पेट के बल लेट जाएं। अपने दोनों पैरों के बीच दूरी कम रखें और गहरी सांस लेते हुए अपने ऊपरी शरीर को ऊपर की ओर उठाएं। आपकी कोहनी इस दौरान शरीर के साथ सीधी रेखा में होनी चाहिए। पैरों को इस तरह स्ट्रेच करें कि आपको अधिक ङ्क्षखचाव महसूस न हो। इसके अलावा अपने सिर को जितना हो सके ऊपर की तरफ उठाएं। इसे 3 से 4 बार करें। 

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