देवेंद्र फड़नवीस का सरकार पर निशाना

कंगना का दफ्तर तोड़ा, दाऊद का घर क्यों छोड़ा



मुंबई

बॉलीवुड एक्ट्रेस कंगना रनौत के ऑफिस को तोड़े जाने को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस ने उद्धव ठाकरे सरकार को घेरा है। फड़नवीस ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार कंगना से लड़ रही है। अच्छा होता कंगना की बजाय कोरोना से लड़ते। दाऊद इब्राहिम का घर तोड़ने तो नहीं जाते हो। कंगना रनौत के दफ्तर को तोड़ डाला गया। फड़नवीस ने कहा कि मैं सरकार से कहना चाहता हूं कि अगर आप कोरोना वायरस संकट को हल करने में अपनी ताकत का 50 प्रतिशत भी लगाते हैं, तो यह बेहतर होगा। इससे पहले देवेंद्र फड़नवीस ने कहा था कि अपने खिलाफ बात करने वालों को हम रास्ते पर रोककर मारेंगे और सरकार के समर्थन से हम ये काम करेंगे, ऐसा महाराष्ट्र के इतिहास में कभी नहीं हुआ। जो बात गलत है उसे गलत कहना ही चाहिए, लेकिन उस बात से महाराष्ट्र का जितना अपमान होता है या महाराष्ट्र पुलिस का जितना अपमान होता है उतना ही
 पमान सरकार जिस प्रकार की कार्रवाई कर रही है उस कार्रवाई के कारण महाराष्ट्र का पूरे देश में हो रहा है। अगर अवैध निर्माण है तो जरूर कार्रवाई होना चाहिए, लेकिन सबके साथ ये कार्रवाई होती निश्चित रूप से उचित कार्रवाई होती। किसी ने आपके खिलाफ बात कही इसलिए जब आप कार्रवाई करते हो तो ये कायरता है, बदले की भावना है और महाराष्ट्र में इस तरह की भावना का सम्मान नहीं हो सकता। बता दें कि बीएमसी ने बांद्रा वेस्ट के पाली हिल रोड पर स्थित कंगना रनौत के 48 करोड़ के दफ्तर (मणिकर्णिका फिल्ज़) के कथित अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया है। जेसीबी और हथौड़ों से तोड़फोड़ की गई।


खड़से हमारे वरिष्ठ नेता, उन पर टिप्पणी नहीं करूंगा

महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता देवेंद्र फड़नवीस ने शुक्रवार को कहा कि उनके पास काफी धैर्य है और वह व्यक्तिगत विषयों पर सार्वजनिक रूप से चर्चा नहीं करते। फड़नवीस ने नई दिल्ली में संवादाताओं से कहा कि मेरे पास काफी धैर्य है और मैं व्यक्तिगत विषयों पर सार्वजनिक रूप से चर्चा नहीं करना चाहता। खडसे साहेब हमारे वरिष्ठ नेता हैं। इसलिए, मैं उनकी आलोचना या उन पर टिप्पणी नहीं करूंगा। खडसे, फड़नवीस सरकार में राजस्व मंत्री थे। उन्होंने अंडरवर्ल्ड सरगना दाऊद इब्राहिम के कराची आवास से कॉल आने और जमीन कब्जा करने के आरोपों का सामना किया था। मनीष भांगले नाम के एक हैकर ने उस वक्त दावा किया था कि खडसे को दाऊद के कॉल आये हैं। फड़नवीस ने कहा कि खडसे को भांगले से जुड़े विषय में इस्तीफा नहीं देना पड़ा और इसके बजाय मामले में उन्हें 12 घंटे के अंदर क्लीन चिट दी गई। उन्होंने कहा कि खडसे को जमीन कब्जा करने के मामले में इस्तीफा देना पड़ा था। उन्होंने कहा कि मैंने एक न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली एक समिति गठित की थी। खडसे ने खुद इसकी मांग की थी।


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