दो आईपीएस और एक आईपीएस अफसर दोषी करार

उन्नाव
उन्नाव दुष्कर्म मामले में सीबीआई ने अपनी जांच में एक आईएएस और दो आईपीएएस अफसरों को दोषी माना है। पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के खिलाफ कार्रवाई के पीड़ित ने तत्कालीन डीएम और एसपी के समक्ष गुहार लगाई थी। लेकिन सेंगर के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई।
अब सीबीआई ने मुख्य सचिव को पत्र भेजकर तीनों अफसरों को कार्रवाई की सिफारिश की है। 4 जून 2017 को उन्नाव की रहने वाली एक नाबालिग ने बांगरमऊ से विधायक रहे कुलदीप सिंह सेंगर पर दुष्कर्म का आरोप लगाया था। लेकिन, यह मामला उस वक्त सुर्खियों में आया जब पीड़ित साल अप्रैल 2018 में मुख्यमंत्री के लखनऊ स्थित आवास पर आत्मदाह करने पहुंच गई थी। इसके बाद मामला सीबीआई को सौंपा गया तो कुलदीप सेंगर की गिरफ्तारी हुई थी। पीड़ित के परिवार वालों ने पूर्व विधायक पर हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया था। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर दिल्ली के तीस हजारी कोर्ट में सुनवाई हुई। 20 दिसंबर 2019 को पूर्व विधायक कुलदीप सेंगर को दिल्ली की तीस हजारी अदालत ने उम्र कैद की सजा सुनाई थी। वर्तमान में सेंगर तिहाड़ जेल में है। सीबीआई की जांच में आईएएस अदिति सिंह और आईपीएस नेहा पांडेय और पुष्पांजलि सिंह को दोषी माना गया है। 2009 बैच की आईएएस अदिति सिंह वर्तमान में हापुड़ जिले की डीएम हैं। वहीं, 2009 बैच की आईपीएस नेहा पांडेय केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर हैं। इसके अलावा आईपीएस पुष्पांजलि वर्तमान में गोरखपुर में रेलवे एसपी के पद पर तैनात हैं। दुष्कर्म केस के दौरान तीनों अफसरों की नियुक्ति उन्नाव में थी। इससे पहले तत्कालीन माखी कोतवाली के एसएचओ को दोषी ठहराया जा चुका है। वह जेल में है।

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