18 गांव नहीं डाल पाएंगे वोट

यूपी पंचायत चुनाव

लखीमपुर खीरी
1952 से यह पहला मौका होगा जब यूपी के लखीमपुर जिले के निघासन में ग्राम प्रधान का चुनाव नहीं होगा। निघासन और इसके अठारह मजरों के बाशिंदे इस बार त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में वोट नहीं डाल पाएंगे। सन 1952 में दयाशंकर पांडे की प्रधानी से शुरू हुई इस ग्राम पंचायत की आखिरी प्रधान गीतादेवी होंगी। इसकी वजह दिसंबर 2019 से निघासन को टाउन एरिया का दर्जा मिलना है। इसमें शामिल किए गए रकेहटी गांव और इसके सुक्खनपुरवा मजरे के लोग भी अपने यहां के प्रधानी चुनाव में वोट नहीं डाल सकेंगे। रकेहटी और सुक्खनपुरवा गांव भी निघासन नगर पंचायत में शामिल किए गए हैं।
निघासन समेत यहां के अठारह मजरों के लोग भी ग्राम पंचायत चुनाव में अपना वोट नहीं डाल पाएंगे। इनमें मोहनलालपुरवा, राजारामपुरवा , हीरालालपुरवा, भजनपुरवा, छींटनपुरवा, बिहारीपुरवा, बस्तीपुरवा, बोझिया, हरनाम बोझिया, परागीपुरवा, सुर्जपुर, प्रीतमपुरवा, नकटहा, नकटहापुरवा, बुद्धीपुरवा, चौधरीपुरवा, टापरपुरवा और प्रेमनगर के बाशिंदे भी निघासन टाउन एरिया का हिस्सा बन जाने से ग्राम पंचायत चुनाव में अपने प्रधान और वार्ड मेंबरों को नहीं चुन पाएंगे। हालांकि रकेहटी ग्राम पंचायत में से खुद रकेहटी गांव और उसका सुक्खनपुरवा मजरा निघासन टाउन एरिया में शामिल कर लिया गया है लेकिन इस ग्राम पंचायत का नाम अभी भी रकेहटी ही चल रहा है।

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