31 फीसदी उम्मीदवारों पर चल रहे आपराधिक केस

पटना

राजनीति को पवित्र और अपराध मुक्त करने को लेकर सुप्रीम कोर्ट की तल्खी और चुनाव आयोग की सख्ती के बावजूद सियासी दलों में अपराधियों को टिकट देने की होड़ मची है। बिहार विस चुनाव में अपराधियों को टिकट देने में राजद बेशक सबसे आगे है, लेकिन अपराधियों से किसी भी दल को परहेज नहीं है। एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) के मुताबिक चुनाव में ज्यादा से ज्यादा सीटें जीतने के लिए दलों ने जिन अपराधियों पर दांव लगाए हैं, उनमें ऐसे गंभीर अपराधी भी हैं, जिन्हें कम से कम पांच साल तक की सजा हो सकती है। पहले चरण के लिए घोषित 1064 उम्मीदवारों में से 328 (31 फीसदी) आपराधिक पृष्ठभूमि के हैं। राष्ट्रीय जनता दल ने 73 फीसदी दागियों को टिकट दिया है, वहीं भाजपा 72 फीसदी आरोपियों को टिकट देकर इस सूची में दूसरे स्थान पर है। एडीआर के अनुसार 244 (23 फीसदी) उम्मीदवारों ने अपने खिलाफ गैर जमानती वारंट वाले गंभीर अपराधों में केस दर्ज होना स्वीकार किया है।

29 प्रत्याशियों ने महिलाओं के खिलाफ अपराध में केस दर्ज होना स्वीकार किया है। इनमें से तीन ने दुष्कर्म का केस दर्ज होने का हलफनामा दिया है। एडीआर ने 1066 में से 1064 उम्मीदवारों के हलफनामे के विश्लेषण के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला है।


Labels:

Post a comment

[blogger]

MKRdezign

Contact form

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget