कृषि कानून पर पीछे हटी महाराष्ट्र सरकार

Farmer
मुंबई
केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में पारित कृषि कानून को राज्य में लागू करने के लिए बुधवार को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में सर्वसम्मति से उपसमिति गठन करने का निर्णय लिया गया। यह समिति राज्य में विभिन्न किसान संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ चर्चा कर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी, जिसके बाद कृषि कानून को राज्य में लागू करने के लिए अंतिम निर्णय लिया जाएगा। इसके साथ मंत्रिमंडल की बैठक में (सशक्तीकरण और संरक्षण) सुनिश्चित मूल्य और सेवा अनुबंध अधिनियम, आवश्यक वस्तु संशोधन अधिनियम प्रस्तुत किया गया।
बता दें कि कृषि विधेयक पिछले हफ्ते ही संसद में पारित हुए हैं और राष्ट्रपति से भी इन्हें मंजूरी मिल गई है। इन विधेयकों को लेकर पूरे देश में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। सरकार ने राज्य में 10 अगस्त को जारी अधिसूचना में सभी कृषि उपज एवं पशुधन बाजार समितियों और जिला कृषि सहकारी समितियों को राज्य में प्रस्तावित कानूनों पर तीन अध्यादेशों को सख्ती से लागू करने का आदेश दिया गया था। ये विधेयक, कृषक उपज व्यापार एवं वाणिज्य (संवर्धन एवं सुविधा) विधेयक 2020, कृषक (सशक्तीकरण व संरक्षण) कीमत आश्वासन और कृषि सेवा पर करार विधेयक 2020 और आवश्यक वस्तु (संशोधन) विधेयक 2020 थे।
कृषि कानून को लेकर महाराष्ट्र विकास आघाड़ी के दो दल कांग्रेस और एनसीपी तो लगातार कह रहे थे कि राज्य में इसे लागू नहीं किया जाएगा, लेकिन शिवसेना का रुख स्पष्ट नहीं था। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने हाल ही में कहा था कि राज्य में कृषि कानून लागू नहीं किए जाएंगे। राज्य के राजस्व मंत्री और महाराष्ट्र कांग्रेस के प्रमुख बालासाहेब थोराट ने कहा था कि सभी सत्तारूढ़ दल इन नए कानूनों के खिलाफ हैं।
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