एकनाथ खड़से हैं पुराने कांग्रेसी: दानवे

भाजपा में लिए जाते हैं सामूहिक फैसले

Ravsaheb Danve

मुंबई

शुक्रवार को भाजपा छोड़कर राकांपा में शामिल हुए राज्य के पूर्व मंत्री एकनाथ खड़से द्वारा भाजपा पर लगाए गए आरोप का जवाब केंद्रीय राज्य मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता रावसाहेब दानवे पाटिल ने दिया। दानवे ने खुलासा किया कि एकनाथ खड़से मूलरूप से कांग्रेसी थे। भाजपा में आने से पहले वे कांग्रेस एस पार्टी के सदस्य थे। वे तत्कालीन नेता शरद पवार के जलगांव में निकाले गए मोर्चा में शामिल हुए थे। उन्होंने कहा कि खड़से का यह आरोप पूरी तरह से बेबुनियाद है कि भाजपा में एक व्यक्ति द्वारा फैसले लिए जाते हैं। दानवे ने कहा कि जब वे भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष थे, तब सभी निर्णय सामूहिक रूप से लिए गए थे। देवेंद्र फड़नवीस अकेले पार्टी नहीं चलाते हैं। कुछ चीजें ऐसी थीं, जिनसे फड़नवीस सहमत नहीं थे, लेकिन मैंने उन्हें मना लिया, तो उन्हें भी सहमत होना पड़ा।


उत्तर महाराष्ट्र में सक्षम नेतृत्व

उन्होंने कहा कि उत्तर महाराष्ट्र में भाजपा के पास कई ऐसे नेता हैं जो एकनाथ खड़से की खाली की गई जगह को भर सकते हैं। जलगांव में हमारे पास रक्षा खड़से, सुरेश भोले और गिरीश महाजन जैसे नेता हैं। हमारा नासिक और अहमदनगर में सक्षम नेतृत्व भी है। इसलिए हमें उत्तर महाराष्ट्र की चिंता नहीं है। हमें खड़से के पार्टी छोड़ने की चिंता थी, लेकिन अब जब उन्होंने फैसला कर लिया है, तो यह मुद्दा खत्म हो गया है।


इसलिए नहीं बन सके मुख्यमंत्री

दानवे ने खुलासा करते हुए कहा कि पार्टी में एक समय केवल एकनाथ खड़से के पास लाल बत्ती की गाड़ी होती थी। उस वक्त उन्हें प्रदेश अध्यक्ष बनने का ऑफर दिया गया था, लेकिन अपनी खराब तबीयत की वजह से उन्होंने यह आफर ठुकरा दिया। उन्हें लगा नहीं था कि पार्टी सत्ता में आ जाएगी। इस वजह से वे मुख्यमंत्री नहीं बन पाए।


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