राज्यपाल की आलोचना ठीक नहीं: चंद्रकांत पाटिल


 मुंबई 

राज्यपाल की पुस्तक पर राकांपा प्रमुख शरद पवार के कटाक्ष का भाजपा प्रदेश अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल ने जवाब दिया है। पाटिल ने कहा कि संवैधानिक पद पर रहते हुए हम जनता के प्रति उत्तरदायी हैं, इस भावना से राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने अपने साल भर के कामकाज की रिपोर्ट प्रकाशित कर जन प्रतिनिधियों को भेजी। राकांपा प्रमुख ने इस पर गलत तरीके से टिप्पणी की। पाटिल ने ताना मारा कि ऐसा रवैया किसी राजा को शोभा नहीं देता। उन्होंने कहा कि पुस्तक में एक या दो अवसरों के अलावा, शपथ ग्रहण समारोहों और उद्घाटन के कार्यक्रमों के साथ-साथ उच्च स्तरीय बैठकों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की तस्वीरें हैं। पाटिल ने कहा कि रिपोर्ट पर गौर किया जाए तो इसमें बीते 28 नवंबर को मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के शपथ ग्रहण और 30 दिसंबर को उपमुख्यमंत्री अजित पवार के शपथ ग्रहण की भी तस्वीरें हैं। उन्होंने कहा कि पूरी रिपोर्ट में कई गणमान्य लोगों के साथ बैठकों की तस्वीरें हैं, लेकिन शरद पवार ने यह महसूस करने के बाद एक पत्र लिखा कि उनकी तस्वीरें सम्मानित नेताओं की तरह नहीं दिखाई गई है। पाटिल ने कहा कि छत्रपति शिवाजी को नमस्कार करने के लिए रायगड़ जाने वाले राज्यपाल की कई तस्वीरें हैं, वहीं भगवान विठ्ठल का दर्शन करने के लिए वे पंढरपुर जा रहे हैं। पाटिल ने खुलासा किया कि राज्यपाल द्वारा प्रकाशित एक साल के कामकाज की रिपोर्ट में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के निवास स्थान मातोश्री गए राज् यपाल के साथ सीएम ठाकरे के परिवार को भी दिखाया गया है। जालना में 50,000 छात्रों के लिए वे एक मिड-डे मील परियोजना का उद्घाटन कर रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि शरद पवार ने ऐसी अन्य तस्वीरें नहीं देखीं। उन्होंने कहा कि मंदिर खोलने के संबंध में राज्यपाल द्वारा मुख्यमंत्री को लिखा गया पत्र अक्टूबर का है और यह वार्षिक रिपोर्ट सितंबर की है, इसलिए मुख्यमंत्री को लिखे पत्र का रिपोर्ट में जिक्र नहीं किया गया है, लेकिन कुछ लोग बार -बार इसका जिक्र कर रहे है। 


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