ताउम्र दिखें जवा

हंसते-खिलखिलाते चेहरे को लोग व्यक्ति के ज्यादा ऊर्जावान होने की निशानी के तौर पर देखते हैं। यही नहीं, इससे संबंधित व्यक्ति खुद भी फील गुड महसूस करता है। उसमें स्ट्रेस हार्मोन कॉर्टिसोल का उत्पादन घटने के साथ ही रक्तचाप नियंत्रित रहने और प्रतिरोधक क्षमता में सुधार होने जैसे सकारात्मक बदलाव दिखते हैं, जो ढलती उम्र के लक्षण छिपाने मे मददगार हैं। 
 नियमित रूप से टलें 
टहलने के लिए रोजाना कम से कम आधे घंटे का समय जरूर निकालने की सलाह दी गई है। इससे न सिर्फ चयापचय क्रिया दुरुस्त रखने में मदद मिलती है, बल्कि १फील गुड हार्मोन एंडॉर्फिन का उत्पादन बढ़ने के साथ ही हड्डियों और मांसपेशियों में क्षरण की समस्या भी दूर रहती है। 
कोई जानवर पालें- 
-अध्ययन में पालतू जानवरों को तनाव घटाने में बेहद कारगर करार दिया गया है। बेयर्ड ने बताया कि कुत्ता या बिल्ली पालने पर व्यक्ति शारीरिक रूप से सक्रिय रहने के साथ ही भावनात्मक स्तर पर मजबूती महसूस करता है। इससे बुढ़ापे के लक्षणों को दूर रखने में आसानी होती है। 
कुछ नया सीखें- 
-बेयर्ड ने हमेशा कुछ नया सीखने के साथ ही रचनात्मक कार्यों में मन लगाने की भी नसीहत दी है। उनकी मानें तो नई चीजें सीखने से न सिर्फ आत्मविश्वास में इजाफा होता है, बल्कि याददाश्त और तार्किक क्षमता भी दुरुस्त रखने में मदद मिलती है। इससे व्यक्ति का जवां दिखना लाजिमी है। 
पसंदीदा गाने सुनें, फिल्में देखें- 
-अध्ययन में यह भी देखा है कि लोग अगर युवावऌस्था में मन को भाने वाले गाने सुनें या फिल्में देखें तो मस्तिष्क का वह हिस्सा सक्रिय हो जाता है, जो पुराने दिनों की खुशनुमा यादों में लौटने का मौका देता है। यही नहीं, व्यक्ति खुद को जवानी के दिनों में ढालने के लिए ज्यादा प्रेरित भी होने लगता है। 

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