धनकुबेरों के क्षेत्र में आयोग की पैनी नजर

 मुजफ्फरपुर 
चुनाव आयोग ने विधानसभा चुनाव से पहले राज्य के ऐसे 91 विधानसभा क्षेत्रों की पहचान की है, जहां धनकुबेर धनबल का प्रयोग कर सकते हैं। पिछले कई चुनावों में इन विधानसभा क्षेत्रों में बड़ी मात्रा में अवैध राशि पकड़ी गयी है और अवैध लेन-देन की भी सूचना मिली है। आशंका है कि चिह्नित क्षेत्रों में धनकुबेर इस बार भी मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए धनबल का सहारा ले सकते हैं। व्यय संवेदनशील इन क्षेत्रों पर आयोग की पैनी नजर है। 
चुनाव आयोग ने इन सभी 91 विधानसभा क्षेत्रों के लिए 67 एक्सपेंडिचर ऑब्जर्वर तैनात किये हैं। चुनाव में अवैध राशि के प्रवाह को रोकना इन अधिकारियों का प्रमुख कार्य होगा। ये ऑब्जर्वर यह ध्यान रखेंगे कि चुनाव मैदान में खड़े प्रत्याशी या उनके समर्थक पैसे से मतदाताओं को प्रभावित न कर पायें। इसके लिए फ्लाइंग स्क्वॉयड टीम व स्टेटिक सर्विलांस टीम के अलावा इन ऑब्जर्वरों की भी नजर रहेगी। 
व्यय संवेदनशील क्षेत्रों को चिन्हित करने के लिए कई बातों को देखा गया। पहला आधार यह बनाया गया है कि इन विधानसभा क्षेत्रों में पूर्व के चुनावों में कितनी नगद राशि जब्त की गई। क्षेत्र के मतदाताओं की शैक्षणिक व आर्थिक स्थिति का भी आकलन किया गया है। यह भी देखा गया है कि वहां विगत चुनावों में खड़े होने वाले प्रत्याशियों की आर्थिक पृष्ठभूमि कैसी है और उन्होंने चुनाव पर कितनी राशि खर्च की है। व्यय संवेदनशील विधानसभा क्षेत्र की सूची देखें तो कई बातें सामने आती हैं। कुछ जिले ऐसे हैं, जहां एक भी विधानसभा सीट व्यय संवेदनशील नहीं माने गये हैं तो कुछ जिले ऐसे भी हैं जिनके सभी विधानसभा क्षेत्र व्यय संवेदनशील चिन्हित किये गये हैं। मधेपुरा में चार विधानसभा क्षेत्र हैं, लेकिन इनमें से कोई व्यय संवेदनशील नहीं मना गया है। 

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