नामांकन पत्र के रद्द होने की खबर सुनते ही रोने लगी महिला प्रत्याशी

भागलपुर

भागलपुर में जनाधिकार पार्टी की प्रत्याशी रानी चौबे ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए बताया कि उनके नामांकन रद्द होने में वकील की संदिग्ध भूमिका है । उन्होंने अपने वकील पर पक्षपात करने का आरोप लगाया । उन्होंने भागलपुर की जनता को धन्यवाद देते हुए कहा कि मैं भागलपुर की जनता के लिए आगे भी सेवा करती रहूंगी । भागलपुर की दयनीय स्थिति से जनता को अवगत कराउंगी । भागलपुर की जनता के लिए हर समय तैयार रहूंगी ।

भागलपुर विधानसभा क्षेत्र से जन अधिकार पार्टी (लोकतांत्रिक) से रानी चौबे ने नामांकन कराया था । शनिवार को जैसे ही सदर एसडीओ कार्यालय में उन्हें नामांकन पर्चा रद्द होने की जानकारी मिली, वह रोने लगीं. पत्रकारों से बात भी कर रही थीं और रो भी रही थीं । उनका कहना था कि उनका नामांकन प्रपत्र तैयार करनेवाले ने किसी के बहकावे में धोखा किया है । दूसरे चरण के विधानसभा चुनाव को लेकर प्रत्याशियों द्वारा दाखिल कराये गये नामांकन पर्चे की स्क्रूटनी की गयी। इसमें भागलपुर से नौ और नाथनगर से आठ उम्मीदवारों का नामांकन पर्चा रद्द कर दिया गया। पर्चा रद्द होने के बाद भागलपुर में 17 और नाथनगर में 18 प्रत्याशियों का नामांकन स्वीकृत कर दिया गया है। अब 19 अक्तूबर तक नामांकन वापसी की तिथि निर्धारित है। मतदान तीन नवंबर को होगा।10 नवंबर को मतगणना होगी. स्क्रूटनी के बाद शाम को सदर अनुमंडल कार्यालय से भागलपुर विधानसभा और अपर समाहर्ता (राजस्व) कार्यालय से नाथनगर विधानसभा के स्वीकृत व अस्वीकृत अभ्यर्थियों की सूची जारी की गयी।


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