इस फिटनेस में है असली दम

Morning Walk

दौड़ना 

दौड़ना बेहतरीन व्यायाम है। आप दौड़ने में कितनी कैलरी जला लेते हैं, यह दौड़ने की गति और शरीर के भार पर निर्भर करता है। आप जितनी तेज गति से दौड़ेंगे, मेटाबॉलिक दर उतनी अधिक होगी। वैसे एक मील चलने की तुलना में दौड़ने में दुगनी कैलरी की खपत हो जाती है। अगर वजन कम करना है तो दौड़ना शुरू करें, यह वसा की परतें ही कम नहीं करता, भूख कम करके अतिरिक्त कैलरी लेने की प्रवृत्ति को भी रोकता है। 

एक मील दौड़ने में एक औसत भार का व्यक्ति 100 कैलरी जला लेता है। अधिक लाभ के लिए एक-दो मिनट तेज दौड़ें फिर एक-दो मिनट के लिए गति धीमी कर लें। ऐसा कम से कम दस बार करें। 

जॉगिंग 

जॉगिंग, यानी हल्की गति से दौड़ना। यह वॉकिंग से ज्यादा फायदेमंद है। टहलने या चलने से हाथों, घुटनों, एड़ियों और जांघों पर ज्यादा असर पड़ता है, जबकि जॉगिंग का असर पूरे शरीर पर होता है। जॉगिंग के लिए रिदम बनानी होती है, क्योंकि मूवमेंट तेज होते हैं। जॉगिंग करते हुए लोड पंजों की तरफ हो तो अच्छा है। शुरुआत में जॉगिंग नहीं करनी चाहिए। घुटने और एड़ियां मजबूत हो जाएं, तभी जॉगिंग करें। 

तैराकी 

तैरने से पूरे शरीर का व्यायाम हो जाता है। यह वजन कम करने और शरीर को टोन- अप करने के लिए एक अच्छा वर्कआउट है। चोटिल होने की आशंका भी कम होती है। कई एरोबिक व्यायाम ऐसे हैं, जिनसे कैलरी तो काफी बर्न हो जाती है, पर पैरों पर बहुत दबाव पड़ता है। ऐसे में जिन्हें जोड़ों की समस्या है या कमर दर्द रहता है उनके लिए भी तैराकी अच्छा वर्कआउट है। तैराकी से शरीर का लचीलापन बढ़ता है। शरीर का संतुलन बेहतर होता है। तैरते समय पानी के थपेड़े शरीर के लिए मसाज का काम करते हैं। इस दौरान, फील गुड हॉर्मोन एंडोर्फिन का स्राव होता है, जो अवसाद से बचाता है। 

इन बातों का रखें ध्यान 

-स्विमिंग से कुछदिन पहले स्ट्रेचिंग शुरू कर दें। इससे मांसपेशियों में ङ्क्षखचाव नहीं आएगा। तैरने से तुरंत पहले ज्यादा भारी और मसालेदार खाना न खाएं। 

-सांस रोककर न रखें, प्रत्येक स्ट्रोक के बाद सांस जरूर लें। शरीर को हाइड्रेट रखें। 

साइकिल चलाना 

साइकलिंग बेहतरीन कार्डियोएक्सरसाइज है, हृदय के साथ शरीर का निचला भाग भी मजबूत होता है। साइकलिंग से शरीर में ऊर्जा का स्तर बढ़ता है। नियमित साइकिल चलाने से शरीर की मांसपेशियां सुडौल होती हैं, वजन कम करने में सहायता मिलती है। शरीर में रक्त और ऑक्सीजन का प्रवाह बढ़ता है। स्टेमिना भी बढ़ता है। अगर रोज साइकिल नहीं चला सकते तो कम से कम सप्ताह में एक बार साइकिल जरूर चलाएं। अपने कद को ध्यान में रखकर ही साइकिल खरीदें। सही फिटिंग के जूते पहनकर ही साइकिल चलाएं। 

टहलना 

वॉकिंग या टहलना, सामान्य या तेज, दोनों तरह से हो सकता है। तेज चलने को ब्रिस्क वॉक कहते हैं। तेज गति से चलना सेहत का सबसे अच्छा विकल्प है। व्यायाम के नजरिए से हमें सामान्य चाल से डेढ़ गुना तेज चलना चाहिए। अगर तेज चलने से सांस फूलने लगे तो गति धीमी कर लें। थोड़ी देर बाद फिर बढ़ा लें। अगर हर पांच मिनट में अपना पेस बदलेंगे तो मेटाबॉलिक रेट 20 प्रतिशत बढ़ जाएगा और कैलरी की खपत ज्यादा होगी। टहलते समय नाक से सांस लें। अच्छी सेहत के लिए सप्ताह में पांच दिन 30-45 मिनट वॉक करें। नियमित टहलने से मधुमेह और कैंसर का खतरा कम होता है। फेफड़े और हड्डियां मजबूत बनती हैं। पाचन ठीक रहता है। शरीर के निचले हिस्से की मांसपेशियां टोन होती है।  

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